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बाढ़ से बर्बादी की होगी भरपाई- मंत्री बिजेन्द्र

 

मधेपुरा जिले के 10 प्रखंडों में प्रलयंकारी बाढ़ से हुई है भारी तबाही | हर मुसीबत में सरकार बाढ़ पीड़ितों की सहायता के साथ है | जन प्रतिनिधि प्रभारी मंत्री व ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, एससी-एसटी मंत्री डॉ.रमेश ऋषिदेव एवं पूर्व मंत्री नरेंद्र नारायण यादव आदि सहयोग में लगे हैं | जिला के राजनीतिक पार्टियों के अध्यक्षों एवं ब्लाक प्रमुखों द्वारा डीएम मो.सोहैल एवं एसपी विकास कुमार की टीम द्वारा किये गये बाढ़ व राहत कार्यों की समीक्षा बैठक में संतोष व्यक्त किया गया | भला क्यों न करें संतोष व्यक्त- जो डीएम कलकत्ते से प्लेन द्वारा त्रिपाल और प्लास्टिक मंगवाकर दूसरे दिन से ही खाने की सामग्रियों के साथ-साथ शिविरों में महिलाओं को चुड़ी-सिंदूर आदि भी उपलब्ध करा दिया हो, बच्चों और बड़ों के बीच TV मुहैया करा दिया हो और रात-रात भर खुद चैन से सोता नहीं हो………..|

जहाँ जिले के 89 पंचायत के 237 गांवों में लगभग 40 लाख लोग, लगभग 40 हजार पशुधन और जल क्रीड़ा पर प्रतिबंध के बावजूद 30 लोगों की मौत गई हो उस जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल सरीखे संवेदनशील जिलाधिकारी को बेचैन रहना वाजिब है | आज की तारीख में भी जहां आलमनगर-चौसा में कुल 9 सामुदायिक रसोई चालू है वही जन स्वास्थ्य और पशु स्वास्थ्य हेतु सम्बंधित विभाग भी कार्यरत है |

जहाँ एससी-एसटी मंत्री डॉ.(प्रो.)रमेश ऋषिदेव ने कहा कि प्रत्येक बाढ़ पीड़ित को सूचीबद्ध कर उन्हें उचित सहयोग प्रदान किया जाय वहीं पूर्व मंत्री व विधायक नरेंद्र नारायण यादव ने प्रभारी मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि क्षतिग्रस्त नहर व बांध सहित क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर को भी दुरुस्त करने के साथ-साथ मधेपुरा-उदाकिशुनगंज रोड को अविलम्ब हाथ लगाया जाय |

इस अवसर पर बिहार सरकार की रीढ़ माने जाने वाले ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में रविवार को डीआरडीए परिसर वाले झल्लू बाबू सभागार में जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत बचाव कार्यों की समीक्षा बैठक में यही कहा कि बारिश के कारण आई बाढ़ से इस वर्ष दो हज़ार करोड़ से ज्यादा की सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई है, जबकि एनएच का आकलन किया जाना अभी बाकी है | उन्होंने कहा कि नॉर्वे और नीदरलैंड सरीखे देशों से नई तकनीक लेकर सड़क निर्माण किया जायेगा | ऊर्जा मंत्री ने अंत में यह भी कहा कि बाढ़ का स्थाई समाधान तो मुश्किल है क्योंकि अमेरिका और चीन जैसे विकसित देशों में भी बाढ़ आती ही रहती है |

प्रभारी मंत्री ने निर्देश देते हुए डीएम से यही कहा कि किसानों को खेत में खड़ाकर फसल की स्थिति के साथ फोटोग्राफी अवश्य करावें | राहत वितरण कार्य में भी पूरी पारदर्शिता हो | गलत लोगों को यदि बाढ़ राहत एवं सहायता राशि दी गयी तो संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करें |

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जलमग्न हुआ बिहार, 16 जिलों में हाहाकार

बिहार पर प्रकृति का कहर जारी है। राज्य में बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है। सैकड़ों गांव जलमग्न हो चुके हैं। 16 जिलों में 1 करोड़ से ज्यादा लोग इसकी त्रासदी झेल रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 119 तो अन्य स्रोतों से 230 लोगों के मारे जाने की ख़बर है। गुरुवार को पूर्णिया, कटिहार और मधेपुरा के कई नए इलाकों में पानी आने से दहशत फैल गई। मधेपुरा में सर्वाधिक प्रभावित आलमनगर और चौसा प्रखंड के अलावा छह और प्रखंड इसकी चपेट में आ गए। जिले में भलुआही के पास एनएच 106 की सड़क लगभग 25 फीट कट जाने से यातायात ठप हो गया है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक अब बाढ़ का पानी सहरसा जिले में भी फैल गया है। उधर कटिहार के नए इलाकों में सदर प्रखंड के भसना, मनसाही और कोढ़ा प्रखंड के कुछ हिस्सों में भी पानी फैलने लगा है। वहीं पूर्णिया जिले में बायसी अनुमंडल के बाद अब पानी बनमनखी और धमदाहा क्षेत्र में बढ़ रहा है। बनमनखी प्रखंड  की 10 पंचायतें बाढ़ की चपेट में आ गई हैं। गुरुवार से वहां एनएच 107 पर वाहनों का परिचालन भी बाधित हो गया है। अररिया की हालत तो और भी बदतर है। इस जिले में हताहत लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है और अब तक 20 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है।

इन जिलों के अतिरिक्त सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर भी बाढ़ से बेहाल हैं। मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में अब तक 94 लोगों की मौत हो चुकी है। वैसे गोपालगंज, वैशाली और छपरा में जहां नए इलाके बाढ़ के पानी से घिरे, वहीं कुछ प्रभावित जिलों में पानी के धीरे-धीरे उतरने की ख़बर भी है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने गुरुवार को गोपालगंज, बगहा, बेतिया, रक्सौल और मोतिहारी के बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों को तमाम जरूरी निर्देश दिए। बता दें कि बाढ़ प्रभावित तमाम जिलों में एनडीआरएफ की 27 टीमों के 1110 जवान अपनी 114 नौकाओं, एसडीआरएफ की 16 टीमों के 446 जवान 92 नौकाओं और सेना के 630 जवान 70 नौकाओं के साथ राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम के साथ चिकित्सकों का चलंत दस्ता भी प्रभावित इलाकों में लगा हुआ है। राहत शिविर बड़े पैमाने पर बनाए गए हैं और इनमें कुल 3.19 लाख लोगों को भोजन कराया जा रहा है। राहत शिविरों के अतिरिक्त 1112 जगहों पर बाढ़ पीड़ितों के लिए कम्यूनिटी किचेन भी शुरू किया गया है। हालांकि बाढ़ ने अपने पांव जिस कदर फैला लिए हैं, उसे देखते हुए इसे पर्याप्त नहीं कहा जा सकता।

चलते-चलते एक अच्छी ख़बर। अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में बाढ़ का तांडव कम होगा। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत के मुताबिक भारतीय मौसम विज्ञान विभाग से मिले पूर्वानुमान के अनुसार अगले सात दिनों तक उत्तर बिहार के जिलों में बारिश के आसार नहीं हैं। हां, कुछ जगहों पर छिटपुट बारिश जरूर हो सकती है। दक्षिण बिहार के जिलों के बारे में भी यही पूर्वानुमान है। ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि बाढ़ से जूझ रहे लोग थोड़ी चैन की सांस ले पाएंगे।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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डॉ.मधेपुरी ने बाढ़ पीड़ितों के बचाव हेतु ‘स्काउट’ को दिखाई हरी झंडी

मधेपुरा जिले के आलमनगर, चौसा, बिहारीगंज, मुरलीगंज आदि प्रखंडों के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में बाढ़-पीड़ितों की सेवा व बचाव कार्य हेतु ‘स्काउट एण्ड गाइड’ के प्रशिक्षित छात्र-छात्राओं की विभिन्न टोलियों को समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने  हरी झंडी दिखाकर विदा किया | क्योंकि नदियों में है उफान ! चारों ओर से घिरे हैं और जलमग्न हैं सैकड़ो गाँव !! और हो गया है – कोसी का अंग से संपर्क भंग !!!  जारी है जीवन के लिए जंग…..!!!!

Educationist Bhupendra Narayan Madhepuri addressing the Scout and Guide (Girls & Boys) Trainees with a slogan "Service to Man in Service to God" at Rasbihari High School Ground , Madhepura .
Educationist Bhupendra Narayan Madhepuri addressing the Scout and Guide (Girls & Boys) Trainees with a slogan “Service to Man is Service to God” at Rasbihari High School Ground , Madhepura .

इस प्रलयंकारी बाढ़ के हालात से  निपटने के लिए जहाँ स्काउट एण्ड गाइड के प्रशिक्षण आयुक्त जयकृष्ण प्रसाद यादव द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों के स्काउट के छात्र-छात्राओं को मानव सेवा हेतु प्रशिक्षण संबंधी कार्य एवं योजनाओं की जानकारियाँ दी गई तथा व्यवहारिक ट्रेनिंग के साथ-साथ हमेशा विकट परिस्थितियों में अपने विवेक से काम लेने की भी बातें कही गई वहीं समाज सेवा में गहरी अभिरुचि रखनेवाले डॉ.मधेपुरी ने बच्चे-बच्चियों से यही कहा –

“दुनिया में जितने भी धर्म हैं उनमें सर्वोत्कृष्ट धर्म है- ‘मानव सेवा’ | मानव सेवा ही सच्ची सेवा है | यूँ तो लोगों को बहुत कुछ की भूख होती है जिनके पीछे इंसान भागता है, परंतु जिसे दुनिया से विदा होते समय वह साथ नहीं ले जाता – उस ‘धन’ को जमा करने के पीछे वह तेजी से भागता है | यदि वह अपने साथ कुछ ले जाता है तो सिर्फ और सिर्फ अच्छे कर्म एवं लोगों की अच्छी सेवा…….!!”

डॉ.मधेपुरी ने प्रशिक्षित स्काउट युवाओं से यह भी कहा “यदि आप सही तरीके से मानव सेवा करो तो आप बहुत आगे बढ़ सकते हो, ऊंचाई को प्राप्त कर सकते हो…..|”

उन्होंने यह भी कहा कि बाहर से आकर मदर टेरेसा ने यहां के कुष्ठ रोगियों एवं अपाहिजों की सेवा की | ‘भारतरत्न’ सरीखे सर्वोच्च सम्मान से वह सम्मानित हुई | साथ ही संसार के सर्वोत्कृष्ट सम्मान ‘नोबेल पुरस्कार’ से भी सम्मानित की गई वह मदर टेरेसा…….. जिनके बीमार होने पर कभी भारतरत्न डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने ईश्वर से दुआ मांगी थी- हे ईश्वर ! अभी मदर को यहीं रहने दो……… क्योंकि ‘मदर’ का हृदय उन गरीबों का घर है, जिन्हें धरती पर अपना घर नहीं……….|”

बच्चो ! हम भी ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हमारे बच्चे बाढ़ पीड़ितों की सेवा एवं बचाव कार्यों को पूरा कर सकुशल वापस आये और अपने-अपने विद्यालयों का नाम रौशन करे !!

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जारी है कोसी-गंगा व महानंदा का कहर

कोसी, पूर्णिया और पूर्वी इलाकों में कोसी-गंगा व महानंदा के बढ़ते जलस्तरों के कारण बाढ़ की भयावह स्थिति हो गई है | हर तरफ डूबने से लोगों की मौत हो रही है |

यह भी बता दें कि कोसी में पानी बढ़ने से इंडो-नेपाल सीमा बांध लगभग 30 मीटर तक बह गया है | इस सीमा बांध के टूटने से भारतीय भूमि पर 100 एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद हो गई है | साथ ही कोसी के कटाव से सहरसा-मानसी रेलखंड पर ट्रेन का परिचालन बंद हो गया है |

यह भी जान लें कि मधेपुरा के चौसा और आलमनगर प्रखंड की क्रमशः छह एवं तीन पंचायतें बाढ़ की चपेट में है | हर ओर एसडीआरएफ एवं मेडिकल-टीम को तैनात कर दिया गया है |

सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड के डरहरा गांव में तेज कटाव के चलते गांव पर खतरा मंडरा रहा है | अररिया जिलें में ढाई सौ से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं | हजारों एकड़ की फसलें बर्बाद हो गई है | सड़कों पर 3 फीट तक पानी बह रहा है | विगत 24 घंटे के दौरान पूर्णिया-कटिहार जिले में 8 लोगों के मरने की खबर है |

एक तरफ जहां बाढ़ प्रभावित इलाकों में सबसे ज्यादा संकट शौचालय और पशुओं की चारा को लेकर है वहीं दूसरी तरफ लोग जान-जोखिम में डालकर पुराने नाव की सवारी करते हैं | और इस सबके बावजूद सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों में 24 घंटे नजर रखने के निर्देश सभी अधिकारियों एवं विभागीय कर्मियों को दिये जा रहे हैं |

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