झारखंड सरकार ने मधेपुरा के लेखक डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की पुस्तक “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” के सर्वाधिक अंश को सरकारी स्कूलों के लिए तैयार किये गये छठी कक्षा की हिन्दी किताब में डॉ.कलाम से संबंधित आलेख “प्रेरणा के बीज” के लिए चयनित किया है | इस कृत्य से डॉ.मधेपुरी सहित मधेपुरा और बिहार के समस्त साहित्कार समुदाय भी गौरवान्वित हुए हैं |
बता दें कि मधेपुरा के समाजसेवी-साहित्यकार एवं भौतिकी के विद्वान डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के संग बिताये गये सर्वाधिक प्रेरक क्षणों की उपलब्धियों को राष्ट्र निर्माण करनेवाले नौनिहालों के निमित्त “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” पुस्तक में पिरोने का काम किया तो सरकारी स्तर पर सबसे पहले झारखंड सरकार ने इस पुस्तक के सर्वाधिक अंशो को छठी कक्षा के बच्चों के लिए पाठ्यक्रम में डालकर पढ़ाना भी शुरू कर दिया | जानिये कि डॉ.मधेपुरी द्वारा इस प्रेरक पुस्तक सहित आधे दर्जन पुस्तकों की रचना हिन्दी में की गई है |
यह भी जानिये कि भारत के विभिन्न क्षेत्रों के बच्चों द्वारा चाचा कलाम से पूछे गये सवाल और भारतरत्न डॉ.कलाम द्वारा दिये गये जवाब का सारगर्भित संकलन है- यह पुस्तक “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” | इस पुस्तक के अब तक सात संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं |
बता दें कि लगभग एक दशक से भारत के सभी राज्यों के बड़े-बड़े स्टेशनों पर अवस्थित ए.एच.व्हीलर की दुकानों में यह पुस्तक निरंतर बिकती रही है और देती रही है डॉ.मधेपुरी को शोहरत के साथ-साथ उच्च कोटि की साहित्यिक पहचान भी | क्योंकि, प्रभात खबर अखबार को डॉ.मधेपुरी ने बताया कि इस पुस्तक के माध्यम से वे देश के विभिन्न हिस्सों के बुद्धिजीवियों एवं साहित्यकारों से वर्षों से जुड़े हैं जो प्रतिवर्ष उनके जन्मदिन पर बधाई देना प्रायः नहीं भूलते !
यूँ तो इस पुस्तक में एक से एक उमदा प्रश्न पूछे गये हैं और डॉ.कलाम द्वारा दिया गया जवाब भी हृदय को छू लेने वाला है | कोई एक प्रश्न, यह कि- आपको जिंदगी में सबसे अधिक दुख किस बात की है ? के जवाब में डॉ.कलाम ने यही कहा कि- जिस समय मुझे भारतरत्न जैसे सर्वोच्च सम्मान महामहिम राष्ट्रपति डॉ.के.आर.नारायणन द्वारा दिया जा रहा था उस समय मेरे माता, पिता और गुरुओं में से कोई नहीं थे…….| दूसरा एक प्रश्न- यह कि यदि ईश्वर आपको एक वरदान देना चाहें तो आप क्या मांगेंगे- का जवाब उन्होंने दिया- हे ईश्वर ! भारत को विकसित राष्ट्र बना दो……..!
जहाँ तीसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एक ओर बी.एन.मंडल स्टेडियम मधेपुरा में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी के साथ-साथ जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी, पूर्व प्राचार्य डॉ.सुरेश प्रसाद यादव, पूर्व मुखिया जनार्दन प्रसाद यादव, शिक्षक परमेश्वरी प्रसाद यादव, प्रधान डाकपाल राजेश कुमार, योगाचार्य असंग स्वरूप, डॉ.एन.के.निराला, आदित्य, अनुमंडल प्रभारी यदुवंशी, जिलाध्यक्ष डॉ.नंदकिशोर सहित महामंत्री डॉ.देव प्रकाश आदि ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया वहीं दूसरी ओर बीएनएमयू के नये कुलपति डॉ.ए.के.राय ने प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली, प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार, कर्नल दिनेश तनवर, योगगुरु द्वय राजेश कुमार व डॉ.एन.के.निराला आदि के साथ नैक प्राप्त मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा द्वारा आयोजित विशेष योग शिविर का उद्घाटन करते हुए यही घोषणा की-
अब विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों में होगी योग की नियमित कक्षा, क्योंकि योग अब लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन गया है | प्राचीन परंपरा का यह अनमोल उपहार स्वस्थ एवं दीर्घायु रहने के लिए आवश्यक है…….|
(From L to R)- Zila Parishad Adhyaksha Smt.Manju Devi , Aditya , Dr.Bhupendra Madhepuri , Dr.Arun Kumar , Dr.Suresh Pd Yadav and Uttam Prasad Yadav etc attending 3rd International Yoga Shivir at BN Mandal Stadium Madhepura
बता दें कि टी.पी.कॉलेज, पार्वती सायंस कॉलेज, केशव कन्या उच्च विद्यालय, एसएनपीएम स्कूल मधेपुरा, रासबिहारी उच्च विद्यालय, बीएल हाई स्कूल मुरलीगंज सहित केपी कॉलेज आदि अनेक शिक्षण संस्थाओं के छात्र व शिक्षकों के साथ-साथ एनसीसी कैडेटों ने भी इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में जमकर हिस्सा लिया | सबों ने यही कहा कि स्वस्थ रहने के लिए योग से अच्छा कुछ भी नहीं |
जिले के चौसा, आलम नगर, धैलाढ, शंकरपुर, सिंहेश्वर सहित प्रायः सभी प्रखंडों में बच्चे, बूढ़े और नौजवान के साथ-साथ महिलाएं भी सवेरे-सवेरे अद्भुत उत्साह के साथ बाबा रामदेव की जयकारा लगाते हुए आजू-बाजू के मैदान की ओर जाते नजर आने लगी | बिहारीगंज के एक योग शिविर का उद्घाटन कर पूर्व मंत्री डॉ.रेणु कुमारी कुशवाहा स्वयं अनुलोम-विलोम करती हुई नजर आई | चारों ओर योग ऋषि बाबा रामदेव की अमृतवाणी- सुखमय जीवन बनाने को नियमित करे योग– दिनभर गूंजती रही |
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri inaugurating Yoga & Ayurveda Seminar at BN Mandal Stadium Hall along with Ayurvedacharya KD Sharma , JP Yadav , Dr.NK Nirala , SP Yadav , Roopam Kumari and Dr.Nand Kishor.
दूसरे सत्र में अपराह्न 3:00 बजे से बीएन मंडल स्टेडियम हाल में पतंजलि योग समिति द्वारा ‘योग एवं आयुर्वेद’ पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया था | जिसका उद्घाटन समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने किया | अपने संबोधन में डॉ.मधेपुरी ने कहा –
हम योग करके अपने अतीत को याद करते हैं, अपनी संस्कृति को सम्मान देते हैं और अपनी विरासत का अभिनंदन करते हैं, बन्दन करते हैं…….. हम योग से शरीर और मन दोनों को स्वस्थ करते हैं |
मौके पर आयुर्वेदाचार्य के.डी.शर्मा ने आयुर्वेद के रहस्य पर विस्तार से चर्चा की | उन्होंने तालियां बजवाकर रोग से मुक्ति पाने के उपायों की विस्तृत चर्चा की और देर तक आयुर्वेद से रोग के इलाज के बारे में लोगों को बताया | प्रभावित होकर प्राय: लोग उनका फोन नंबर नोट करते देखे गये |
यह भी बता दें कि शंभूशरण भारतीय ने अपने संक्षिप्त संबोधन में यही कहा कि योग एवं शारीरिक संरचना में आयुर्वेद का महत्वपूर्ण स्थान है | उन्होंने कहा कि ऐसी कई बीमारियां हैं जिसका इलाज योग एवं आयुर्वेद द्वारा ही संभव है |
Ruby Kumari , Yoga Shikshika from Yoga Center Ram-Janki Thakurbari , Lakshmipur Mohalla , receiving the certificate of excellence from Udghatankarta Dr.Madhepuri in the Seminar organised by Patanjali Zila Yoga Samiti Madhepura
इस अवसर पर महिला योग प्रकोष्ठ के जिला प्रभारी प्रो.रीता कुमारी, संरक्षक सुरेश प्रसाद यादव, भारत स्वाभिमान के सह जिला प्रभारी डॉ.एन.के. निराला, सहायक प्रभारी पशुपति चौरसिया, पृथ्वीराज यदुवंशी, किसान सेवा समिति के सुभाष चंद्र, महामंत्री रुपम कुमारी सहित अध्यक्ष नंदकिशोर ने उद्गार व्यक्त करते हुए यही कहा कि अब दुनिया आयुर्वेद के महत्व को पूरी तरह मान ली है |
कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु अंत तक मौजूद रहे- मधेपुरा व्यापार संघ के अध्यक्ष योगेंद्र प्राणसुखका, खुशी प्राणसुखका, पूर्व मुखिया जनार्दन प्रसाद यादव, कुमारी रंजू दीदी, रेखा गांगुली, चंद्रभूषण, रितेश कुमार, गायत्री कुमारी, रुबी कुमारी, साधना कुमारी, कुमारी ललिता |
आरम्भ में पानी का फुहार अपना काम किया लेकिन बाबा रामदेव व बालकृष्ण के योगियों को संकल्प से डिगा नहीं पाया | प्रसाद के रूप में ढेर सारी सामग्रियां बांटी गई | स्वच्छ जल की भरपूर व्यवस्था देखी गई | बिलंब के लिए टेंट वाले की निष्क्रियता कारण बनी जिसे भविष्य के लिए याद किया जाना ही चाहिए………|
कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन संस्थान के अंबिका सभागार में कोसी की चर्चित कवयित्री (सम्प्रति प्राचार्या रामकृष्ण भुवनेश्वरी आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय त्रिवेणीगंज, सुपौल) श्रीमती अलका वर्मा के एकल काव्य पाठ का आयोजन 4 जून, 2017 (रविवार) को समारोहपूर्वक किया गया- जिसकी अध्यक्षता कोसी के वरिष्ठ साहित्यकार-इतिहासकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने की |
जहाँ मधेपुरा के सांसद रह चुके व मंडल विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति एवं कोसी के चर्चित साहित्यकार सह सम्मेलन के संरक्षक डॉ.रमेंद्र कुमार यादव रवि ने कवयित्री अलका वर्मा को अंग-वस्त्रम व प्रशस्ति पत्र प्रदानकर “कौशिकी साहित्य रत्न” से सम्मानित किया, वहीं इससे पूर्व सम्मेलन के यशस्वी सचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी द्वारा कवयित्री श्रीमती वर्मा की संपूर्ण काव्य-यात्रा को संक्षेप में प्रस्तुत करते हुए इस प्रकार उद्घोषणा की गयी-
विभिन्न प्रकार की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्थाओं से संबद्ध एवं क्रियाशील रहनेवाली, महिला सशक्तिकरण हेतु गृह जिला सुपौल द्वारा सम्मानित होनेवाली तथा “मुझे मेरे नाम से पुकारो” काव्य संग्रह के अलावे ‘कही अनकही’ एवं “गुलमोहर” कथा-संग्रह द्वय में जीवन के खट्टे-मीठे अनुभवों को करीने से उकेरनेवाली और साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर छपते रहनेवाली श्रीमती अलका वर्मा को इस संस्थान के संरक्षक डॉ.रवि द्वारा सारस्वत सम्मान यानि “कौशिकी साहित्यरत्न” से सम्मानित किया जायेगा |
जहां एक ओर कवयित्री सह प्राचार्या श्रीमती अलका वर्मा द्वारा अपने एकल काव्यपाठ में दर्जनों कविताओं के पाठोपरांत श्रोताओं द्वारा खूब तालियां बटोरी गयी वहीं अपने समीक्षात्मक आशीर्वचन में वरिष्ठ साहित्यकार श्री शलभ और संस्थापक कुलपति डॉ.रवि ने विचार व्यक्त करते हुए यही कहा कि इनकी कविताएं अतुकांत होते हुए भी सरल है, सहज है और अंतरात्मा से निःसृत एवं गीत्यात्मक माधुर्य से उतप्लावित है जो जीवन के यथार्थ से हमें साक्षात्कार कराती है | साहित्यकार द्वय ने नारी सशक्तिकरण में श्रीमती वर्मा के योगदान को रेखांकित करते हुए जमकर सराहना की |
मंडल विश्वविद्यालय के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष एवं डि.लिट. प्राप्त समीक्षक डॉ.विनय कुमार चौधरी ने कवयित्री श्रीमती वर्मा के काव्य संग्रह ‘मुझे मेरे नाम से पुकारो’ की विस्तृत समीक्षा की और दर्शकों का ध्यान आकृष्ट किया |
भागलपुर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति रहे डॉ.के.के.मंडल, क्षणदा के संपादक सुबोध कुमार सुधाकर, मंडल विश्वविद्यालय के कुलसचिव रहे प्रो.शचीन्द्र, पूर्व प्राचार्य प्रो.श्यामल किशोर यादव आदि ने कवियत्री के कार्य की प्रशंसा करते हुए इनके उज्जवल भविष्य की कामनाऍ की |
दूसरे सत्र में स्थानीय कवि व साहित्यकारों प्रेम जी, सत्य जी एवं विनोद जी को स्मरण करते हुए आयोजित काव्य-गोष्ठी का संचालन डॉ.विनय कुमार चौधरी एवं डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने संयुक्तरुप से किया |
जिन कवियों ने अपनी-अपनी कविताओं का पाठ किया, वे हैं- प्रेम और विरह के गीतकार सुबोध कुमार सुधाकर, प्रधानाचार्य डॉ.विश्वनाथ विवेका, डॉ.विश्वनाथ सर्राफ, शंभू नाथ अरुणाभ, सुरेन्द्र भारती, उल्लास मुखर्जी, राजू भैया, डॉ.अरुण कुमार (फर्जी कवि), डॉ.विनय कुमार चौधरी एवं डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी | आयोजन में प्रमुख रुप से उपस्थित रहे- रघुनाथ प्रसाद यादव, अनिकेत श्रीवास्तव, प्राण मोहन यादव, डॉ.हरिनंदन यादव, श्यामल कुमार सुमित्र, डॉ.अरविन्द श्रीवास्तव आदि |
मधेपुरा के लिए यह एक सुखद संयोग है कि जहाँ एक ओर 29 मई को ‘भूपेन्द्र चौक’ पर समाजवादी चिंतक भूपेन्द्र नारायण मंडल की पुण्यतिथि पर प्रातः 7:30 बजे से उनकी प्रतिमा पर शहर के गणमान्यों द्वारा माल्यार्पण किया जा रहा है तो दूसरी ओर 3:30 बजे से संत अवध बिहारी कीर्ति नारायण देवकृष्ण महाविद्यालय परिसर में उनकी पुण्यतिथि पर ‘श्रद्धांजलि सभा’ की जा रही है |
Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri , Dr.Alok Kumar , Prof.Shyamal Kishor Yadav , Prof.Sachchidanand , Vishnudeo Vikram , Dr.Arjun , Anand , Vikash , Sant Kumar , Munna Jee and others attending Punaya Tithi Pushpanjali Samaroh of Great Socialist B.N. Mandal at Bhupendra Chowk , Madhepura .
और इन दोनों के बीच अवस्थित उन्हीं के नाम वाले भू.ना.मंडल विश्वविद्यालय में 23 वाँ कुलपति के रूप में डॉ.ए.के.राय द्वारा पदभार ग्रहण किया जा रहा है- 2:00 बजे अपराह्न में | नवनियुक्त कुलपति डॉ.अवध किशोर राय द्वारा- ‘आराम हराम है’ को गले लगाते हुए जिस तरह राष्ट्रपति डॉ.कलाम पदभार ग्रहण करते ही सांसदों के बीच बस यही उद्घोष किया था- “कल करो सो आज कर”……. उसी तरह सभी स्नातकोत्तर विभागों के विभागाध्यक्षों को विश्वविद्यालय पुस्तकालय में बिठाकर नये कुलपति ने बस इतना ही कहा-
‘बेपटरी हुए पठन-पाठन को सुव्यवस्थित करने के साथ-साथ अनियमित हुए शैक्षणिक-सत्रों के नियमितीकरण के लिए हम सब मिलकर पुरजोर कोशिश करेंगे………. तभी NACC के लिए हमारे कदम आगे बढ़ सकेंगे |’
मधेपुरा अबतक द्वारा जब समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से इस बाबत टिप्पणी करने को कहा गया तो डॉ.मधेपुरी ने बस यही कहा कि सदा पटरी पर दौड़नेवाले टी.एम भागलपुर विश्वविद्यालय का छात्र मैं भी रहा हूं | उसी विश्वविद्यालय में पढ़े, बढ़े और शिक्षक रहकर प्रतिकुलपति बने डॉ.राय के अनुभव का फायदा इस विश्वविद्यालय को तो मिलेगा ही मिलेगा , साथ ही वहीँ से आ रहे प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली के सुर-में-सुर मिले होने के फलस्वरूप हर काम को तेजी से अंजाम तक पहुंचाया जा सकेगा |
भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के लिए 27 मई, 2017 का दिन इस मायने में ऐतिहासिक दिन रहा कि टी.पी.कॉलेज के विश्वकर्मा कहलानेवाले एवं इस विश्वविद्यालय में ताजिंदगी कुलपति रहनेवाले कुशल प्रशासक डॉ.महावीर प्रसाद यादव के नाम टी.पी.कॉलेज में ‘महावीर द्वार’ का उद्घाटन एवं विश्वविद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया- बिहार को ऊर्जा प्रदान करनेवाले एवं नीतीश सरकार की रीढ़ माने जानेवाले माननीय मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने |
इस अवसर पर विभिन्न आपदाओं से उत्पन्न समस्याओं के समाधान हेतु सजग रहनेवाले बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर, मुख्य अतिथि के रुप में पूर्व सांसद व संस्थापक कुलपति डॉ.रमेंद्र कुमार यादव रवि, समारोह के अध्यक्ष वर्तमान कुलपति डॉ.विनोद कुमार, प्रतिकुलपति डॉ.जे.पी.एन. झा, कुलसचिव डॉ.कुमारेश प्रसाद सिंह, माननीय विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, सहरसा जिला परिषद अध्यक्षा अड़हुल देवी, डॉ.राजेंद्र प्रसाद यादव एवं डॉ.के.एन.ठाकुर आदि ने विश्वविद्यालय के भव्य सजावट वाले ऑडिटोरियम में ‘डॉ.महावीर प्रसाद यादव के व्यक्तित्व एवं कृतित्व’ पर आयोजित व्याख्यान माला के दरमियान संक्षेप में बेहतरीन उद्गार व्यक्त किया और शैक्षणिक जगत से जुड़े समस्त सुधी श्रोताओं को घंटों बांधे रखा तथा तालियां बटोरता रहा |
The audience attending Pratima Anavaran Samaroh of Dr.M.P. Yadav , Ex-Principal TP College , Ex-MLA & Minister State Education , Member of Parliament , Pro-VC (Patna & Ambedkar University) & VC. BNMU Madhepura.” in the University Auditorium Madhepura.
कार्यक्रम का प्रारंभ स्वागत-गान एवं महावीर-गीत के साथ सदाशिव नॉलेज टेंपल के बच्चों द्वारा किया गया | आगत अतिथियों को अंगवस्त्रम एवं बुके देकर स्वागत किये जाने के पूर्व प्रतिमा अनावरण के बाद उद्घाटनकर्ता माननीय मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, प्रो.चन्द्रशेखर. डॉ.रवि एवं अन्य अतिथियों को ‘रेड कारपेट वेलकम’ देकर ऑडिटोरियम के अंदर मंचासीन कराया गया |
Dr.Bhupendra Madhepuri paying venerable tribute to his the then dutiful Principal Dr.M.P.Yadav on the occasion of Mahavir Dwar Udghatan and Pratima Anavaran by State Energy Minister Bijendra Prasad Yadav at T.P.College & B.N.M.U. Campus respectively on 27th May, 2017 .
जहां स्वागताध्यक्ष डॉ.शिवनारायण यादव ने अतिथियों को अपने स्वागत-भाषण से मंत्रमुग्ध कर दिया वहीं डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने डॉ.महावीर के जीवन-वृत्त की प्रस्तुति के क्रम में संस्थापक कीर्ति बाबू एवं प्राचार्य रतनचंद की चर्चा करते हुए टी.पी.कॉलेज के प्रति महावीर बाबू का समर्पण, गुरु के प्रति असीम श्रद्धा, विनोदी स्वभाव एवं छात्रों के प्रति दयाभाव के साथ-साथ एक नहीं अनेक संस्मरणों की चर्चाएं की | डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि सर्वप्रथम सोशलिस्ट पार्टी से विधायक चुने जाने पर जब महावीर बाबू आशीर्वाद लेने सोशलिस्ट नेता भूपेन्द्र नारायण मंडल के निवास पर गये थे तो उन्होंने यही कहा था- “महावीर बाबू ! साथ में आये इस जनता जनार्दन को कभी नहीं भूलिएगा……… इन्हीं के कारण आज आप वहां जा रहे हैं |”
उद्घाटनकर्ता ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने अपने संबोधन में कहा कि पुरखों को याद करना जहां आनेवाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी होता है वहीं विधायक-मंत्री व सांसद के साथ-साथ एक बड़ा शिक्षाविद होना समाज में अपनी पहचान बनाता है | उन्होंने जहाँ महावीर बाबू से अनुशासन एवं कर्तव्यनिष्ठा की सीख लेने की बात कहीं वहीं समाज को वैसी विभूतियों को सम्मान देने की चर्चा भी की |
समारोह के मुख्य अतिथि डॉ.रमेंद्र कुमार यादव रवि ने उन्हें विश्वकर्मा कहकर सम्बोधित करते हुए कहा कि टी.पी.कॉलेज को उन्होंने इतना बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान किया कि यह विश्वविद्यालय उसी कॉलेज में जन्म लेकर आज यहाँ तक पहुंचा है | डॉ.रवि ने विस्तार से अपने मामाश्री डॉ.महावीर प्रसाद यादव के बहुआयामी व्यक्तित्व की चर्चा एवं ऐसे भव्य समारोह के आयोजन के लिए उनके पुत्रों एवं परिजनों- इन्दुभूषण, मनोज कुमार, डॉ.अरुण ………तारणी प्रसाद यादव……… आदि को ह्रदय से साधुवाद दिया |
इस अवसर पर अतिविशिष्ट अतिथि के रुप में मधेपुरा के जुझारु विधायक एवं आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो.चंन्द्रशेखर ने कहा कि महावीर बाबू को उनके शैक्षणिक एवं रचनात्मक योगदान के लिए समाज सदा याद करता रहेगा | इसी कड़ी में माननीय विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, प्रतिकुलपति डॉ.जेपीएन झा, कुलसचिव डॉ.कुमारेश प्रसाद सिंह, डॉ.रामचन्द्र मंडल, डॉ.नरेश कुमार, डॉ.उदय कृष्ण, डॉ.सुरेश प्रसाद यादव, डीएसपी निगरानी तारणी प्रसाद यादव और डॉ.आर.के.पी. रमण……. आदि वक्ताओं ने डॉ.महावीर प्रसाद यादव के विभिन्न मानवीय गुणों एवं समय की पाबन्दी, काम के प्रति निष्ठा……… आदि की विस्तार से चर्चा की |
जहां समारोह का समापन ‘महावीर-गीत’ की प्रस्तुति देनेवाले सदाशिव नॉलेज टेंपल के बच्चे- शांति,प्रिया, आलोक एवं तरुण-मोनू-खुशी-अभिषेक व शिक्षक रंगकर्मी विकास कुमार को मनमोहक प्रस्तुति के लिए मोमेंटो प्रदान कर उद्घाटनकर्ता ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर, मुख्य अतिथि डॉ.रवि एवं कुलपति डॉ.विनोद कुमार द्वारा सम्मानित किया गया वहीं डॉ.मधेपुरी एवं स्वर कोकिला प्रो.रीता कुमारी ने इन बच्चों का उत्साहवर्धन किया |
Dr.Madhepuri and Prof.Reeta Kumari from Parwati Science College encouraging the kids of Sadashiv Knowledge Temple for their grand presentation of “Mahavir Geet” in the Inaugural Function on 27th May 2017.
जहाँ समारोह में प्रो.श्यामल किशोर यादव, प्रो.एस.एन.यादव, डॉ.अलोक कुमार, शिवनाथ यादव, आनंद मंडल, सियाशरण यादव, प्रधानाचार्य डॉ.एचएलएस जौहरी, डॉ.पी.सी.खां, डॉ.केपी यादव, डॉ.ललन प्रसाद अद्री, सिंडिकेट सदस्य डॉ.परमानंद यादव, डॉ.जवाहर पासवान, डॉ.अजय कुमार, डॉ.विमल सागर, डॉ.प्रज्ञा प्रसाद, ज्योति मंडल, डॉ.संजय कुमार मिश्रा, संजय कुमार सिंह, सत्येंद्र सिंह यादव, पारो यादव आदि की उपस्थिति अंत तक रही वहीं समारोह समाप्ति पर धन्यवाद दिया डॉ.शिवनारायण यादव और मंच संचालन करते रहे डॉ.शैलेंद्र कुमार, परिसम्पदा पदाधिकारी |
जी हाँ ! चौंकिए नहीं…….! यह बच्चा संवाद कर रहा है अपनी आंटी से | टूटे झूले की कड़ी से झूलते हुए……| और ‘आंटी’ किसी परिचय का मोहताज नहीं | वही तो है अंतर्राष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी सोनी राज- जिसे स्थानीय वृनदावन नर्सिंग होम गोद लिया है फ्री चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने और पार्वती साइंस कॉलेज फ्री हायर एजुकेशन देने के लिए | क्योंकि, सोनीराज श्रीलंका, मलेशिया और थाइलैंड आदि कई देशों से पदक जीतकर मधेपुरा का नाम जो रोशन किया है |
बता दें कि मधेपुरा में तो सही-सलामत बच्चों के लिए भी उनके अनुकूल चिल्ड्रेन पार्क नहीं है जबकि बैंगलोर की कविता कृष्णमूर्ति इन दिनों भारत सरकार के साथ ऐसे पार्क डिजाइन करने एवं बनाने में लगी है कि वहाँ के कुछ पार्क्स को डिजेबल्ड यानि दिव्यांग बच्चों के लिए फ्रेंडली बनाकर उसे अभियान का रुप दिया जा सके |
Kavita krishnamurti from Bangalore designing the Park friendly for crippled children .
यह भी जानिये कि वैसे दिव्यांग बच्चों के पैरेंट्स एक नहीं कई ग्रुप बनाकर पार्क की साफ-सफाई में सहयोग करते हैं | म्यूनिसिपल कमिश्नर एवं पदाधिकारियों के साथ एक दिन का वर्कशॉप भी करते हैं | और यहाँ पर गाँधी के चम्पारण सत्याग्रह शताब्दी के अवसर पर भी ना पेरेंट्स का कोई ग्रुप बना और ना साफ-सफाई के बाबत कोई वर्कशॉप ही आयोजित किया गया |
Dr.Bhupendra Madhepuri alongwith the team of Navachar Mandal engaged to clean the Park near Zila Atithi Griha at Madhepura .
हाँ ! मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल द्वारा इतना तो जरूर किया गया कि चम्पारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह के अवसर पर साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी को एक टीम बनाकर प्रखंड एवं गांवों में जाकर गांधीयन विचार पर चर्चा करने की बात कही गई तो एक टीम बनाकर वैसा करते हुए वे एकदिन इसी पार्क (जिला अतिथि गृह से सटे पूरब) में बच्चों से गाँधी के विचार शेयर किये एवं साफ-सफाई की बातें की और बच्चों के साथ मिलकर स्वयं भी पार्क की सफाई करने लगे | टूटे हुए झूले की स्थिति और बच्चे एवं बड़ों के घूमनेवाले फुटपाथ में उत्पन्न टूट के बाबत डॉ.मधेपुरी ने कहा कि सबकुछ जिला प्रशासन एवं सरकार ही नहीं कर देगी बल्कि हमें यह महसूसना होगा कि समस्याएँ हमें मजबूत बनाने और हमसे कुछ सार्थक कराने के लिए आती हैं |
मौके पर जहाँ नवाचार रंगमंडल के सदस्यगण सुनीत साना, अमित आनंद, अमित अंशु, मो.आतिफ, आदित्य, कार्तिक कुमार, अंशु कुमार, सावंत कुमार रवि आदि ने नगर परिषद से मांग की कि पार्को की नियमित सफाई एवं पौधों की सुरक्षा व सिंचाई पर विशेष नजर रखी जाय वहीं रंगमंडल के संरक्षक डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि जब तक स्थानीय लोग खासकर पार्क में प्रतिदिन आने वाले अधिवक्ता भोला प्रसाद सिंह या उनके पडोसी शिक्षक भोला प्रसाद यादव जैसे लोग जागरुक नहीं होंगे तब तक पार्कों की स्थिति में विशेष सुधार नहीं हो सकेगा |
कोसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रान्तर्गत ताज़िन्दगी शिक्षकों की सेवा करनेवाले एमएलसी डॉ.शारदा प्रसाद सिंह के नक्शे कदम पर चलते हुए इस बार हैट्रिक लगाने वाले उन्हीं के सुपुत्र डॉ.संजीव कुमार सिंह जद(यू) सहित नवनिर्वाचित अन्य तीन सदस्यों अवधेश नारायण सिंह, संजीव श्याम सिंह एवं वीरेंद्र नारायण यादव को विधान परिषद के उप भवन सभागार में 10 मई को संध्या 4:00 बजे कार्यकारी सभापति मो.हारूण रशीद ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई |
यह भी बता दें कि शपथ ग्रहण करने वाले इन चारों नवनिर्वाचित विधान पार्षदों- पूर्व सभापति सह गया स्नातक से विजयी भाजपा नेता अवधेश नारायण सिंह, वहीं के शिक्षक क्षेत्र से विजयी रालोसपा के संजीव श्याम सिंह एवं सारण स्नातक क्षेत्र से विजयश्री प्राप्त वीरेंद्र नारायण यादव सहित डॉ.संजीव कुमार सिंह का कार्यकाल 9 मई 2017 से 8 मई 2023 तक का होगा यानि पूरे 6 वर्षों का कार्यकाल होगा |
यह जानिए कि नवनिर्वाचित सभी सदस्यों को परिषद के नये उपभवन में कार्यकारी सभापति मो.हारुण रशीद द्वारा शपथ दिलाई गई | शपथ ग्रहण के बाद सबों ने मंच पर उपस्थित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी सहित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव, ऊर्जा मंत्री सह मधेपुरा जिला प्रभारी मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, से हाथ मिला-मिलाकर अभिवादन स्वीकार किया गया |
बता दें कि यशस्वी पिता के यश को उर्ध्वगामी बनाये रखनेवाले डॉ.संजीव गठबंधन धर्म निभाते हुए वित्तरहित शिक्षकों के हित में निर्भीकतापूर्वक अपनी बातें रखते रहे हैं और आगे भी रखेंगे | पिताश्री के पद चिन्हों पर चलते हुए इन वित्तरहित शिक्षकों के हित में अहर्निश बौद्धिक सजगता प्रदर्शित करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे | इसलिए तो उच्चतम न्यायालय ने भी “समान कार्य के लिए समान वेतन” जैसे संघर्ष को सार्थक साबित करते हुए समर्थन दिया है |
यह भी जानिए कि चन्द रोज कबल यानी 6 मई को डॉ.संजीव ने भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के 8 अरब 52 करोड़ के बजट को अभिषद की बैठक में अपनी स्वीकृति देकर पास किया और अनुकंपाकर्मियों के भुगतान, नवनियुक्त शिक्षकों को कालेज के आंतरिक श्रोत से भुगतान सहित 73 प्रोन्नत शिक्षक-रीडरों को अंडरटेकिंग लेकर भुगतान करने पर मुहर लगा दी |
Newly Elected MLC Dr.Sanjeev Kumar Singh receiving blessings from Dr.Bhupendra Madhepuri at his residence (Vrindavan) Madhepura and discussing the problems of Vittrahit Shikshak .
फिर शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने हेतु राजधानी पटना वापस लौटने के क्रम में मधेपुरा के मंडल विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक- विकास पदाधिकारी सहित विभिन्न पदों पर सेवारत रह चुके सेवानिवृत्त फिजिक्स के यूनिवर्सिटी प्रोफेसर एवं वित्तरहित शिक्षकों के प्रति अतिसंवेदनशील डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी का शुभाशीष प्राप्त करने उनके निवास ‘वृंदावन’ गये और चाय पीने के क्रम में 10 मई को होने वाले शपथ ग्रहण की चर्चा हुई तो डॉ.मधेपुरी ने एमएलसी डॉ.संजीव को शुभ आशीर्वचन देते हुए बस इतना ही कहा- शारदा बाबू तो रिजल्ट के दूसरे ही दिन से अगले चुनाव की तैयारी हेतु शिक्षकों के हित में कार्यारम्भ कर देते थे……. आप भी उसी पथ पर चलेंगे…….. चलते ही रहेंगे……. और आगे बढ़ते ही रहेंगे….!!
जिला मधेपुरा का 36वाँ स्थापना दिवस समारोह 9 मई को मनाने हेतु 22 अप्रैल 2017 को जिलाधिकारी मो.सोहैल की अध्यक्षता में समाहरणालय के सभा भवन में सभी विभागीय पदाधिकारियों एवं शहर के गणमान्यों के साथ आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि स्थापना दिवस समारोह के रूप में सभी प्रखंडों के पंचायत स्तर से जिलास्तर तक धूमधाम से मनाया जाय | साथ ही यह भी कि सवेरे स्कूली बच्चों द्वारा बैण्ड-बाजे के साथ प्रभात फेरी, युवजनों द्वारा बी.एन.मंडल वि.वि. से स्टेडियम तक विकास दौड़, दोपहर में खेलकूद…… शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम…….. दिनभर उत्सवी माहौल……. साफ-सफाई…….. रंग-रोगन… एक साल का प्रगति प्रतिवेदन………. उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन कर्मी का चयन……. आदि आदि को माननीय प्रभारी मंत्री सह ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव के कर कमलों द्वारा पुरस्कृत किया जायगा |
लेकिन जिला स्थापना दिवस की पूर्व अति पूर्व संध्या पर 6 मई (शनिवार) को ही स्थानीय श्रीकृष्ण मंदिर परिसर में संगीत को समर्पित बनारस के मिश्रबंधुओं एवं दिल्ली सहित अन्य कलाकारों द्वारा भव्य गायन-वादन व संगीत सम्मेलन का आयोजन किया गया |
यह भी बता दें कि मधेपुरा जिले के शास्त्रीय संगीत के सर्वमान्य भीष्म पितामह पंडित परिमल यादव एवं महामहिम राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत तबला वादक प्रो.योगेंद्र नारायण यादव के सम्मान में जिला स्थापना को समर्पित ‘गंधर्व संगीत समारोह’ का दीप प्रज्वलित करते हुए समाजसेवी-साहित्यकार शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अवरूद्ध कंठ से बस यही कहा कि न तो मां की ममता की गहराई को और ना ही इन दोनों गीत-संगीत साधकों की साधना की ऊंचाई को मापने की शक्ति है मुझमें !
डॉ.मधेपुरी ने पंडित परिमल के शब्दों ‘संगीत समाज को संस्कारित करता है……’ को उद्धृत करते हुए बस इतना ही कहा- “मैं संगीत जानता नहीं, केवल उसे महसूसता हूँ |” और यह भी अनुभूति होती रहती है कि संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि
Music is such an art
Killing care grief of heart…….
प्रो.योगेंद्र नारायण यादव, प्रो.श्यामल किशोर यादव, एवं प्रो.रीता ने भी संगीत के महत्व की चर्चा की | कार्यक्रम की शुरुआत में संगीत के भीष्म पितामह पंडित परिमल के शास्त्रीय गायन, तबला पर प्रो.योगेन्द्र नारायण एवं हारमोनियम पर प्रो.संजीव देर तक सजीव श्रोताओं की तालियाँ बटोरते रहे |
P.Mishra at Violin , A.Deep at Pakhavaj , Hardik Verma at Sitar , Atul Shankar at Fluet and Nirmal Yadhuvanshi at Tabla all from Varanasi and Delhi are performing the best at Shri Krishna Mandir , Madhepura.
दूसरे सत्र में बनारस एवं दिल्ली से आये कलाकारों के फ्यूज़न कार्यक्रम का श्रोताओं ने जमकर रसास्वादन किया और तालियों के साथ उत्साहवर्धन भी किया | विभिन्न म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स के साथ शास्त्रीय धुनों से मधेपुरा जिला स्थापना दिवस का उत्सवी माहौल सबके मन-मस्तिष्क पर छाने लगा |
यह भी बता दें कि वायलिन पर पी.मिश्र, सितार पर हार्दिक वर्मा, बांसुरी पर अतुल शंकर और तबले पर निर्मल यदुवंशी के लय-ताल और सुर के साथ पी.यदुवंशी की सुपुत्री समीक्षा यदुवंशी की ऐंकरिंग ने श्रोताओं को देर शाम तक बांधे रखा | अंत में शास्त्रीय गीत के गुरु वरुण मिश्र की साधना जब यह सिद्ध करने लगी कि शास्त्रीय संगीत ही आदि संगीत है…… सभी संगीतों का श्रोत है…… तब भला कौन किसकी सुनता…. तबले की जगह तालियाँ ही बजने लगी…. बजती ही रही |
The best performer of Classical Sangeet Mr.G.Mishra at Shri Krishna Mandir , Madhepura
मौके पर राजकमल सिंह, बाल्मिकी यादव, रोशन कुमार, डॉ.आलोक कुमार, प्रो.सिद्धेश्वर काश्यप, अरुण कुमार झा, संजय कुमार, सनोज कुमार, मनोज कुमार आदि अंत तक मौजूद देखे गये | प्रो.रामस्वरूप ने धन्यवाद ज्ञापित किया | उन्होंने कला संस्कृति संगम एवं विजय मेमोरियल म्यूजिक कॉलेज के संयुक्त आयोजन की जमकर सराहना की |
आपने यह जरूर सुना होगा- मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है ! कभी दैनिक अखबारों के लिए कार्टून बनाकर जीवन जीने वाला संजय कुमार इधर वर्षों से आदिवासी भित्ति चित्रकला को समर्पित दिखने लगा है | तभी तो रेखा टूडू, सुनिता मरांडी, सुचिता हांसदा, सुखयमुनि सोरेन, अनीता मुर्मू, चांदमुनि मुर्मू, सुनिता बास्की और सुनिता हांसदा जैसे ढेर कलाकारों के अंदर की सोयी कला चेतना को जगा-जगाकर संजय कुमार ने जिले के आदिवासी क्षेत्रों में एक अभियान खड़ा कर दिया है |
Secretary Kisan Sansad Shambhu Sharan Bhartiya addressing Aadivasi Bhitti Kala Pradarshani in presence of the Persons on the chairs – (L to R) Prof. S.K. Yadav, DDC Mithilesh Kumar, Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri and Dr.Sita Ram Yadav at Bhupendra Kala Bhawan Madhepura.
बता दें कि जो भित्ति चित्रकला आदिवासियों के गांव में ही विलुप्त हो रही थी उसे संजय कुमार ने ग्लोबल चित्रकारी-कलाकारी की चौखट तक ले जाकर जोरदार धमाका देने की तैयारी में लगा है | उसी संजय कुमार के शिक्षक रह चुके डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने आशीर्वचन देते हुए बार-बार यही कहा कि आज जो संजय कुमार सूरज की तरह जल रहा है, वही कल सूरज की तरह चमकेगा और निश्चय ही पद्मश्री पुरस्कार का हकदार भी बनेगा…….. और ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा |
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and DDC Mithilesh Kumar encouraging Vhitti Chitra Kalakar Rekha Tudu at Bhupendra Kala Bhawan , Madhepura.
यह भी जानिए कि आदिवासी कला केन्द्र ग्वालपाड़ा के सौजन्य से भूपेन्द्र कला भवन मधेपुरा में रविवार को आयोजित कला-प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए डीडीसी मिथिलेश कुमार, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ.सीताराम यादव एवं प्रो.श्यामल किशोर यादव सहित किसान संसद के अध्यक्ष आद्यानंद , सचिव शंभू शरण भारतीय व रामदेव-आनंद आदि ने कलाकारों की कला को एक स्वर से प्रोत्साहित किया और भित्ति-चित्रकला की समृद्ध संस्कृति को रंगों से उकेरकर संजय कुमार द्वारा सहेजने के अथक प्रयास की भूरि-भूरि सराहना की |
Dr.Bhupendra Madhepuri discussing with Rekha Tudu regarding Vhitti kalachitra painting at Kala Bhawan Madhepura .
जहाँ एक ओर डीडीसी मिथिलेश कुमार ने इस भित्ति चित्रकला केंद्र के लिए अलग से वेबसाइट तैयार कर मार्केटिंग को बढ़ावा देने की बात करते हुए यही कहा कि मिथिला, मधुबनी, वारली और मंजूषा आदि तमाम लोक कलाओं का जन्म भित्ति चित्रकला से हुआ है वहीँ शिक्षाविद समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने सदियों से चली आ रही भित्तिचित्र के बाबत यही कहा कि यह कला आत्मा से निकली सहज, सरल और सुंदर अभिव्यक्ति का प्रतीक है जिसके लिए अधिक साधन मुहैया कराने की जरूरत नहीं होती, लेकिन हाँ ! कला के संरक्षण के लिए सरकारी स्तर पर प्रोत्साहन और सामाजिक स्तर पर उत्साहवर्धन तो चाहिए ही चाहिए जिसकी घोर कमी नजर आती है |
जहाँ एक ओर प्रसिद्धि प्राप्त चिकित्सक डॉ.सीताराम यादव व प्राचार्य प्रो.श्यामल किशोर यादव ने भित्तिचित्र के जरिये ग्राम्य जीवन के रहन-सहन के चित्रों की सराहना की वहीं किसान संसद के आद्यानंद व एस.एस. भारतीय आदि ने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि यह कला ग्रामीण इलाकों से निकलकर देश की सीमा लांघते हुए अंतरराष्ट्रीय क्षितिज की ओर कदम बढ़ाने के लिए चल पड़ी है |
हाँ ! इस कला प्रदर्शनी के उद्घाटन कार्यक्रमों में आनेवाले डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) एवं एसपी विकास कुमार (भा.पु.से.) अपरिहार्य कारणवश नहीं आ पाये | वहीं मौके पर प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के सचिव चंद्रिका यादव, कामरेड रामचंद्र दास, सुजीत कुमार सिंह के अतिरिक्त प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सदस्यगण अंत तक मौजूद रहे | काफी संख्या में पेंटिंग की बिक्री हुई | शेष सभी किसान संसद द्वारा क्रयकर ली गई | अंत में, सर्वश्रेष्ठ कलाकार रेखा टूडू की पेंटिंग की सराहना डॉ.मधेपुरी सहित डीडीसी मिथिलेश कुमार ने जमकर की |
चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह को समर्पित मधेपुरा का प्रथम आईएसओ प्रमाणित किरण पब्लिक स्कूल ने अपना ‘ग्यारहवाँ स्थापना दिवस समारोह’ मनाने के लिए स्थानीय शहीद चुल्हाय मार्ग स्थित बी.पी.मंडल नगर भवन का चयन तो किया जरूर, लेकिन मात्र छात्रों एवं अभिभावकों को एंट्री देने के बावजूद भी जगह छोटी पड़ गई | फलस्वरूप, टाउन हॉल के बाहर बैठने की व्यवस्था के साथ दो पर्दों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रोजेक्टर के माध्यम से देर रात तक दिखाया जाता रहा और कार्यक्रम के अंत तक लोग टस-से-मस नहीं हुए |
The Massive presence of students, guardians and educated citizen enjoying the 11th Foundation Day Celebration programme of Kiran Public School Madhepura at BP Mandal Nagar Bhawan, Shaheed Chulahay Marg Madhepura
जहाँ एक ओर स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किये जा रहे तरह-तरह के मनमोहक कार्यक्रमों पर तालियां बजती रहीं वहीं दूसरी ओर स्कूल के प्राचार्य किशोर कुमार ठाकुर की नपी-तुली गायकी “किशोर दा” की यादें तरोताजा करती रहीं | बीच-बीच में मो.रफी की याद ताजा करने के लिए रोशन कुमार और शिक्षा में गिरावट को दर्शाने वाले ‘नाटक’ के निर्देशक के रूप में अमित कुमार अंशु की उपस्थिति देखी जाती रही |
कार्यक्रम का उद्घाटन डीईओ शिवशंकर राय एवं मुख्य अतिथि के रुप में शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा संयुक्तरुप से, प्रबंध निदेशिका किरण प्रकाश, निदेशक अमन प्रकाश एवं प्राचार्य किशोर कुमार ठाकुर आदि की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया | लगे हाथ प्रबंध निदेशिका श्रीमती किरण प्रकाश द्वारा स्कूल के संस्थापक जय प्रकाश बाबू का स्मरण करते हुए एवं उनके अधूरे कार्यों को पूरा करने का संकल्प लेते हुए उद्घाटनकर्ता और मुख्य अतिथि को मोमेंटो एवं पुष्प-गुच्छ सहित सुमधुर गीत से स्वागत किया गया | साथ ही निदेशक अमन प्रकाश द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया |
Chief Guest Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri along with Managing Director Mrs.Kiran Prakash , Director Aman Prakash , Principal K.K.Thakur and CS Pandey and others congratulating the audience for enjoying the programme peacefully.
बता दें कि उद्घाटनकर्ता डीईओ श्री एस.एस.राय ने अपने व्यस्त कार्यक्रमों में से कुछ समय निकालकर अपने संक्षिप्त संबोधन में शिक्षक समाज से यही कहा कि आज गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में कमी होती जा रही है जिसे रोकने हेतु सजग रहने की जरूरत है |
मुख्य अतिथि डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने “चंपारण सत्याग्रह शताब्दी को समर्पित केपीएस का ग्यारहवा दिवस” पर छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों की महती भीड़ को संबोधित करते हुए यही कहा कि बिहार ने ही मोहनदास………. को महात्मा बना दिया | महात्मा गांधी के जीवन में आये तीन बंदर, तीन औरत और तीन ‘झ’ (झंडा-झाड़ू-झोला) के अंदर की कहानियों के बारे में विस्तार से बताते हुए यही कहा-
“गांधी कुछ-न-कुछ हमेशा सीखते रहना चाहते थे | उनके अनुसार, सीखने की यात्रा अनंत होने के कारण ताजिंदगी चलती ही रहती है और मंजिल हमें तब मिलती है जब हम ‘अहंकार शून्य’ हो जाते हैं…….!”
बता दें कि ऋषियों की तरह जीवन जीने वाले रवीन्द्रनाथ टैगोर ने गीतांजलि के प्रथम गीत की पहली पंक्ति में ही लिखा है-
हे देव बहा दो अहंकार, मेरे ही आंसू जल में
समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से कहा कि तुम भी गाँधी बन सकते हो | गाँधी देशरत्न राजेंद्र प्रसाद जैसे प्रतिभावान नहीं थे | 50 छात्रों वाले वर्ग में 40वाँ स्थान प्राप्त करते थे | हाँ, वे संकल्प के धनी ही नहीं बल्कि महाधनी कुबेर थे | उन्होंने आजीवन ‘सत्य अहिंसा’ के व्रती होने का संकल्प लिया और पालन किया जिसके चलते उन्होंने ब्रिटिश शासन की जड़ें हिला दी………| डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से कहा कि तुम डॉ.कलाम की तरह बड़े-बड़े सपने देखो और गांधी के ‘करो या मरो’ की तरह उसे पूरा करो |
अंत में समापन करते हुए डॉ.मधेपुरी ने दर्शकों का ध्यान आकृष्ट करते हुए मधेपुरा के पूर्व डीएम गोपाल मीणा (भा.प्र.से.) से हाल में मोबाइल पर हुई (मौन) बातचीत की चर्चा करते हुए यही कहा-
“शक्तिशाली बम या लंबी रेंजवाले मिसाइल के बिना ही किसी भी देश को धूल में मिलाया जा सकता है बशर्ते कि वहां की शिक्षा में लगातार गिरावट और परीक्षा में खुलेआम चीटिंग की मिलावट होती रहे |”
अंत में प्राचार्य किशोर कुमार ठाकुर ने स्कूल के टीचर सीएस पाण्डेय, विनोद कुमार, पवन कुमार, सुधीर कुमार, श्रीमती धर्मावती पाण्डेय, गोपाल कृष्णा, डॉ.सीमा श्रीवास्तव, संतोष कुमार आदि सहित मीडिया के संजय परमार, सुकेश राणा व अन्य उपस्थित सभी जनों को समारोह की संपूर्ण सफलता के लिए साधुवाद देते हुए कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की |