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मधेपुरा में अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर कार्यक्रमों की धूम………!

मधेपुरा जिला लोक शिक्षा समिति के बैनर तले जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (साक्षरता) के निदेशानुसार प्रखंड मुख्यालय से जिला मुख्यालय तक स्कूली बच्चों के साथ-साथ प्रेरक, स्वयं सेवक, तालीमी मरकज आदि ने प्रत्येक प्रखंड में प्रभात फेरी निकाली तथा प्रखंड प्रमुखों द्वारा साक्षरता झंडा फहराया गया | कहीं-कहीं तो स्वच्छता मिशन के बाबत स्कूली बच्चे-बच्चियों के बीच वाद-विवाद प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई तथा पारितोषिक देकर प्रोत्साहित भी किया गया |

यह भी बता दें कि जिला मुख्यालय मधेपुरा में भी इस अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किये गये | कार्यक्रम के प्रथम चरण में बी.एन. मंडल स्टेडियम से केशव कन्या उच्च विद्यालय तक गाजे-बाजे के साथ साक्षरता मार्च निकाला गया तथा निरक्षरता दूर करने के नारे लगाये गये |

 Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the highly educated gentlemen and Shaksharta Karmi on the occasion of International Literacy Day (8th September) at Keshew Kanya High School, Madhepura.
Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the highly educated gentlemen and Shakshartakarmi on the occasion of International Literacy Day (8th September) at Keshew Kanya High School, Madhepura.

राजकीयकृत केशव कन्या उच्च विद्यालय में आयोजित सेमिनार को संबोधित किया डीपीओ गिरीश कुमार, प्रो.सच्चिदानंद, डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, प्रो.श्यामल किशोर यादव, प्रो.सचिंद्र आदि ने |

बता दें कि जहाँ आरम्भ से ही साक्षरता में लगे प्रो.सच्चिदानंद एवं प्रो.श्यामल किशोर ने जिला साक्षरता को लक्ष्य से काफी पीछे बताया वहीं जिला परिषद के उपाध्यक्ष रघुनंदन दास एवं डीपीओ गिरीश कुमार ने कहा कि समाज तभी समृद्ध होगा जब अशिक्षा से मुक्ति मिलेगी और समाज अपने अधिकार के लिए जागृत होगा |

समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने विस्तार से शिक्षा के अभाव में फैल रही सामाजिक भ्रांतियों एवं प्रतिदिन जन्म ले रहे नये-नये अंधविश्वासों को उकेरते हुए यही कहा कि हमें व्यक्तिगत, सामुदायिक एवं सामाजिक रुप से साक्षरता के महत्व को गहराई से समझना होगा |

डॉ.मधेपुरी ने आधुनिक बिहार के निर्माता एवं बिहार के प्रथम विधि मंत्री शिवनन्दन प्रसाद मंडल की पुस्तक “Free & Compulsory Primary Education” की चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय संविधान के 96वाँ संशोधन में हमें इसी पुस्तक के कारण शिक्षा का मौलिक अधिकार प्राप्त हुआ जिसके Article -21  में यह अंकित किया गया कि हर प्रदेश के  6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को “मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा” का प्रावधान होगा |

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri conferring certificate & momento to the best performer Shakshartakarmi .
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri conferring certificate & momento to the best performer Shakshartakarmi .

कार्यक्रम के संचालन और सांस्कृतिक परिचालन के माहिर मुरलीधर द्वारा बेहतर करने वाले साक्षरता कर्मियों को डॉ.मधेपुरी सहित अन्य अतिथियों द्वारा मोमेंटो एवं सर्टिफिकेट प्रदान कराया गया | अंत में धन्यवाद ज्ञापित किया ज्ञानेश्वर शर्मा ने और कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गई |

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मधेपुरा के शैक्षणिक संस्थानों में हर्षोल्लास के साथ मना शिक्षक दिवस  

बी.पी. मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज मधेपुरा हो या शिवनन्दन प्रसाद मंडल इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय या फिर बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय के संबद्ध एवं अंगीभूत कॉलेज ही क्यों न हो- यहाँ तक कि सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में भी रही शिक्षक दिवस की धूम | कहीं छात्र-छात्राओं द्वारा केक काटते तो कहीं भारतरत्न डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि एवं श्रद्धांजलि करते देखे गये………| कहीं निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन तो कहीं किया गया छात्र-छात्राओं के बीच चित्रकारी या भाषण !! कुल मिलाकर सम्पूर्ण जिले में धूमधाम से छात्र-शिक्षकों एवं अभिभावकों द्वारा “शिक्षक दिवस” मनाया गया |

बता दें कि स्थानीय एस.एन.पी.एम. इंटरस्तरीय उच्च विद्यालय में ‘शिक्षक दिवस’ के साथ-साथ प्रधानाचार्य डॉ.निरंजन कुमार की विदाई का कार्यक्रम भी हुआ | 12:00 बजे दिन से 7:00 बजे संध्या तक चले विभिन्न कार्यक्रमों में भारी संख्या में छात्र-छात्राओं, गणमान्यों एवं अभिभावकों की उपस्थिति रही | स्कूल के संगीत शिक्षकद्वय नारायण और रजनी के मधुर संगीत के साथ-साथ मिनिरल वाटर और कोल्ड ड्रिंक्स की दौर हमेशा दर्शकों को तरोताजा बनाये रखा |

On the occasion of Teacher's Day, the Outgoing Principal Dr.Niranjan Kumar along with his wife Mrs.Nirmala Rani and Udhghatankarta Dr.Bhupendra Madhepuri at SNPM+2 School Madhepura.
On the occasion of Teacher’s Day, the Outgoing Principal Dr.Niranjan Kumar along with his wife Mrs.Nirmala Rani and Udhghatankarta Dr.Bhupendra Madhepuri at SNPM+2 School Madhepura.

यह भी बता दें कि भारतरत्न डॉ.राधाकृष्णन के जन्मोत्सव पर आयोजित शिक्षक दिवस समारोह के अवसर पर जहाँ बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ.मनोरंजन झा, डीईओ  उग्रेश प्रसाद मंडल, एमएलटी कॉलेज सहरसा के प्राचार्य डॉ. के.पी. यादव, टीपी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ.सुरेश प्रसाद यादव, डीपीओ माध्यमिक नारद प्रसाद द्विवेदी, डीपीओ सर्वशिक्षा गिरीश प्रसाद एवं राज्य कार्यकारिणी के सदस्य राजेंद्र प्रसाद यादव आदि ने विस्तार से समाज और देश के लिए कर्तव्यनिष्ठ शिक्षकों, लगनशील छात्र एवं जागरुक अभिभावकों के मजबूत इरादों पर बल दिया वहीं जिला माध्यमिक संघ के अध्यक्ष कृष्ण कुमार, पूर्व प्राचार्य वीरेंद्र प्रसाद यादव, शिक्षक आलोक कुमार, पूर्व प्रधानाध्यापक द्वय सत्येन्द्र कुमार, डॉ.सुरेश कुमार भूषण, एच.एम. यकिन्द्र कुमार मंडल, पूर्व प्राचार्य कमलेश्वरी प्रसाद बैजनाथपूरी, केशव कन्या की प्राचार्या विभा कुमारी, रासबिहारी उच्च विद्यालय की प्राचार्या रंजना झा सहित शिक्षक द्वय डॉ.संतोष कुमार व रमेश कुमार, डॉ.विजेंद्र कुमार, डॉ.नीलाकान्त, प्रो.बिजेंद्र नारायण यादव (जदयू अध्यक्ष), प्रधान जी आदि ने शिक्षक के लिए शिक्षा को ही महत्वपूर्ण बताते हुए अपने अनुभवों एवं उदाहरणों को शामिल करते हुए विस्तार से यही कहा कि बेहतरीन गुरु यानि अच्छा शिक्षक वही है जो जीवन पर्यंत विद्यार्थी बना रहता है, वे केवल किताबों से ही नहीं बल्कि अपने विद्यार्थियों से भी बहुत कुछ सीखता रहता है |

समारोह की अध्यक्षता एवं मंच संचालन करते हुए वर्तमान प्राचार्य मो.शकील अहमद ने समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी को उद्घाटनकर्ता, मुख्यवक्ता एवं कर्ताधर्ता बताते हुए श्रोताओं को धैर्य से सुनने का अनुरोध किया और कहा कि डॉ.मधेपुरी सरीखे विज्ञानवेत्ता को साहित्यकार से बढ़कर इतिहासकार कहना ही बेहतर होगा……|

बता दूँ कि डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में यही कहा कि आज संपूर्ण देश में शिक्षकों को सम्मानित किया जा रहा है | राष्ट्रपति भवन में महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा बिहार के 8 शिक्षकों को, पटना के एस.के. मेमोरियल हॉल में सीएम, डिप्टी सीएम एवं शिक्षा मंत्री द्वारा बिहार के 14 शिक्षकों को और मधेपुरा के एस.एन.पी.एम.  स्कूल में निवर्तमान प्राचार्य डॉ.निरंजन सहित उनकी अर्धांगिनी श्रीमती निर्मला रानी को हम सभी सम्मानित कर रहे हैं |

डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से यही कहा कि जहां भारत में शिक्षक दिवस महामहिम डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन (5 सितंबर) को मनाया जाता है वहीं अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को | भिन्न-भिन्न देशों में भिन्न-भिन्न तिथियों को शिक्षक दिवस मनाये जाते हैं | कुछ देशों में अवकाश के दिन तो कुछ में कामकाज के दिन | रूस में अक्टूबर के प्रथम रविवार को तो अमेरिका में मई के प्रथम मंगलवार को | कई देश तो शिक्षक दिवस मनाने की इन तिथियों को बदल भी लेते हैं………|

गुरु की महिमा का बखान करते हुए देर तक डॉ.मधेपुरी ने डॉ.राजेन्द्र प्रसाद, डॉ.भीमराव अम्बेडकर, डॉ.जाकिर हुसैन, डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम आदि को उद्घृत करते हुए कहा कि जब डॉ.कलाम से उनकी पहली मुलाकात हुई थी तो महामहिम के पद पर आसीन मिसाइल मैन डॉ.कलाम उठ कर खड़े हो गये थे और बैठने हेतु अनुरोध करने पर उन्होंने डॉ.मधेपुरी से यही कहा था- “मैं…… आपके लिए खड़ा नहीं हूं…… बल्कि एक शिक्षक के सम्मान में खड़ा हुआ हूँ जो राष्ट्र निर्माता होता है……|”

अंत में निवर्तमान प्राचार्य डॉ.निरंजन कुमार ने डॉ.मधेपुरी के सामने जीवन के बचे हुए वर्षों को शिक्षक के रूप में बिताने का संकल्प दोहराया और आगे समाज के उन्नयन के लिए समस्त सकारात्मक सोच वाले योग-प्रणायाम को अमलीजामा पहनाने के लिए अपनी धर्मपत्नी श्रीमती निर्मला रानी के साथ मिलकर काम करने का संकल्प लिया |

कार्यक्रम के समापन का उद्घोष छात्रों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के सम्मिलित सहभोज के बाद ही प्राचार्य  सह अध्यक्ष मो.शकील अहमद द्वारा किया गया |

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बीपी मंडलमय हुआ मधेपुरा……!

मधेपुरा के विभिन्न प्रखंडों एवं सरकारी व प्राइवेट विद्यालयों के साथ-साथ अंगीभूत व संबद्ध महाविद्यालयों के आचार्यों, प्राचार्यों और प्रधानाचार्यों ने सामाजिक न्याय के पुरोधा बीपी मंडल की 99वीं जयंती पर सामाजिक परिवर्तन में उनके योगदानों को याद किया | बीपी मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज एवं कमलेश्वरी-बिंदेश्वरी वुमेन्स कॉलेज सहित अम्बेडकर छात्रावास के छात्रों द्वारा भी सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़ों के लिए किये गये उनके कामों को याद किया गया | धरती पर कोई धर्म नहीं जिनकी कुल 3743 जातियों में से ऐसे पिछड़ों को मंडल आयोग द्वारा लाभ न मिला हो जो सामाजिक व शैक्षिक रूप से पिछड़े हों-चाहे वे ब्राह्मण…… क्षत्रिय ही क्यों ना हो |

बता दें कि जिले के विभिन्न विद्यालयों से प्रातः 6:00 बजे स्कूली छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह व उमंग के साथ प्रभात फेरी निकाल शहर का भ्रमण किया | जहां 8:00 बजे स्थानीय टीपी कॉलेजिएट उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्राचार्य डॉ.सुरेश कुमार भूषण की अध्यक्षता में आयोजित बीपी मंडल की 99वीं जयंती के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि विस्तार से विचार व्यक्त करते हुए बीएन मंडल विश्वविद्यालय में विभिन्न पदों पर रहे डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने मंडल मसीहा बीपी मंडल को महामानव कहा……….. वहीं 9:00 बजे डीएम मो.सोहैल, एसपी विकास कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ-साथ राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों एवं समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, डॉ.अरुण कुमार मंडल, पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद निराला, पूर्व विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा आदि ने उनकी आदम कद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित किया |

DM Md.Sohail (IAS), SP Vikas Kumar (IPS), Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri, Dr.Arun Kumar Mandal, Freedom Fighter A.N.Yadav, Dr.A.Kumar, JDU President Prof.Bijendra Nr.Yadav after paying tribute to B.P.Mandal Statue at BP Mandal Chowk, Madhepura .
DM Md.Sohail (IAS), SP Vikas Kumar (IPS), Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri, Dr.Arun Kumar Mandal, Freedom Fighter K.N.Yadav, Dr.A.Kumar, JDU President Prof.Bijendra Nr.Yadav after paying tribute to B.P.Mandal Statue at BP Mandal Chowk, Madhepura .

यह भी बता दें कि बीपी मंडल की 99वीं जयंती समारोह को लेकर उनके पैतृक गाँव मुरहो में राजकीय जयंती समारोह आयोजित की गई जिसमें डीएम मो.सोहैल को मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर सर्वप्रथम गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और फिर डीएम व एसपी ने बीपी मंडल की समाधि पर रखे गये तैल चित्र पर सर्वप्रथम माल्यार्पण व पुष्प अर्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी | उपस्थित बुद्धिजीवियों ने भी उन्हें बारी-बारी से पुष्पांजलि दी | एसडीएम संजय कुमार निराला की अध्यक्षता में राजकीय जयंती समारोह सभा का आयोजन किया गया |

इस अवसर पर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने पूर्व की भांति बीपी मंडल को ‘भारतरत्न’ से सम्मानित करने की मांग दुहराई | डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मंडल साहब को गुजरे लगभग 40 वर्ष बीत गये तथा एटॉमिक इनर्जी के क्षेत्र में भारत को बुलंदी तक ले जाने वाले डॉ.होमी जहांगीर भाभा को गुजरे लगभग 50 वर्ष | ऐसी हस्तियों को ‘भारतरत्न’ से सम्मानित किया जाना लाजमी है |

जहाँ सर्वप्रथम प्रो.श्यामल किशोर यादव ने बीपी मंडल की 100वीं जयंती पर ‘स्मृति-ग्रंथ’ तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया वहीं डॉ.शांति यादव ने मंडल आयोग की सिफारिशों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया |

जहां पूर्व विधायक ओमबाबू ने दुख: व्यक्त करते हुए यही कहा कि देश के नेता उनके पिता बीपी मंडल के नाम पर सिर्फ राजनीति करते रहे हैं वहीं पूर्व मुखिया सुभाषचंद्र यादव एवं डॉ.अरुण कुमार मंडल ने बीपी मंडल द्वारा ईमानदारी से किये गये सामाजिक परिवर्तन के योगदानों को याद करते देखे गये | साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों- जैसे जदयू के प्रो.विजेंद्र नारायण यादव, भाजपा के स्वदेश कुमार, राजद के रितेश कुमार, सीपीआईएम के प्रमोद प्रभाकर, लोजपा के दिनेश पासवान, हम के मो.शौकत अली, रालोसपा के डॉ.राजीव जोशी सहित अन्य ने बीपी मंडल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व की जानदार एवं शानदार चर्चाएं की |

इस बार बाढ़ की विभीषिका के मद्देनजर डीएम मो.सोहैल की टीम ने सादगी के साथ मुरहो पंचायत को ‘मंडल-ग्राम’ पंचायत नामित कर स्वास्थ्य केंद्रों में बाढ़ पीड़ितों की भरपूर मदद की पूरी व्यवस्था की | सदर बीडीओ दिवाकर कुमार की व्यवस्था संतोषप्रद रही | उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं सिविल सर्जन डॉ.गदाधर पाण्डेय की पूरी टीम सहित कार्यक्रम पदाधिकारी संजीव कुमार, डीएसओ राजेश रोशन, डीपीआरओ कयूम अंसारी सहित ज्योति मंडल, निखिल मंडल, प्रो.रीता कुमारी, डॉ.आलोक कुमार एवं मंच संचालक जयकृष्ण यादव की सर्वधर्म प्रार्थना वाली टीम के सभी सदस्यों व उपस्थित जनों को हृदय से साधुवाद-धन्यवाद ज्ञापित किया | अंत में अध्यक्ष एसडीएम संजय कुमार निराला ने कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की |

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मधेपुरा में ब्रह्माकुमारी दादी प्रकाशमणि की 11वीं पुण्यतिथि मनी

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की मुख्य प्रशासिका रही बाल ब्रह्मचारिणी राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि के नेतृत्व में यह संस्था सघन वटवृक्ष का स्वरुप ग्रहण कर विश्व के 137 देशों के लगभग नौ हज़ार सेवा केंद्रों के माध्यम से आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों के संवर्धन में लगी हुई है……. और चलते-चलते एक दिन 87 वर्षीया दादी का देहावसान आबू में ही दिनांक 24 अगस्त, 2007 को हो जाता है |

बता दें कि दादी प्रकाशमणि की 11वीं पुण्यतिथि बाढ़ की विभीषिका के मद्देनजर सादगीपूर्ण तरीके से ब्रह्माकुमारी रंजु दीदी की अध्यक्षता में मधेपुरा के गणमान्यों, समाजसेवियों एवं श्रद्धालु शिष्य-शिष्याओं की अच्छी खासी उपस्थिति में मनाई गई जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में समाजसेवी डॉ.भूपेंन्द्र मधेपुरी, एसडीएम संजय कुमार निराला, सिविल सर्जन डॉ.गदाधर पाण्डेय तथा विशिष्ट अतिथि के रुप में डॉ.गणेश कुमार, उपेन्द्र रजक, प्राणमोहन आदि ने श्रद्धांजलि स्वरुप पुष्पांजलि अर्पित की | आरम्भ में समारोह का श्रीगणेश संयुक्तरुप से दीप प्रज्वलित कर किया गया |

यह भी जानिए कि सर्वप्रथम समारोह की अध्यक्षता ब्रह्माकुमारी राजयोगिनी रंजु दीदी ने दादी प्रकाशमणि के जीवनवृत्त पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके ही कार्यकाल में संस्था के प्रयासों को सराहते हुए संयुक्त राष्ट्र द्वारा उन्हें “विश्व शांति दूत” पुरस्कार से नवाजा गया | 38 वर्षों तक संस्था को नेतृत्व देने वाली दादी प्रकाशमणि को विदेश यात्राओं के दौरान अनेक देशों में उन्हें राजकीय अतिथि का दर्जा दिया जाता रहा | भला क्यों नहीं, दादीजी में स्नेह-प्रेम और शक्ति का अद्भुत संतुलन जो था | जहां प्रेम होता है, वहां व्यक्ति सब कुछ न्योछावर करने को तैयार हो जाता है……|

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the devotees attending the 11th Punya Tithi Samaroh of Dadi Prakashmani at Madhepura .
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the devotees attending the 11th Punya Tithi Samaroh of Dadi Prakashmani at Madhepura .

अन्त में उपस्थित गणमान्यों, पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं की ओर से प्रतिनिधि वक्ता के रूप में समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने दादी प्रकाशमणि के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए यही कहा कि राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजी गई दादीमाँ प्रकाशमणि की आत्मा आने वाली पीढ़ी को सदैव प्रकाशित करती रहेंगी | डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में ईश्वरीय वि.वि. द्वारा श्रद्धालुओं के मन को नियंत्रित करने हेतु विभिन्न प्रयोगों के साथ विस्तार से चर्चा की और गीता के उद्धरणों को शामिल करते हुए मन-बुद्धि को स्थिर करने के उपायों की व्याख्या की | उन्होंने यह भी कहा कि दादी प्रकाशमणि अपने माता-पिता के घर प्रतिदिन नये आभूषण पहनते रही और ईश्वरीय विश्वविद्यालय को जीवनदान देने के साथ ही सबकुछ लुटाकर मसीहा बन गई | उस दादी प्रकाशमणि के लिए डॉ.मधेपुरी ने अपनी चंद पंक्तियां श्रद्धांजलि स्वरुप अर्पित की-

धन आदमी की नींद को हर पल हराम करता

जो बांटता दिल खोल उसे युग सलाम करता !

मरने के बाद मसीहा बनता वही मधेपुरी

जो जिंदगी में अपना सब कुछ नीलाम करता !!

अंत में राजयोगिनी रंजु दीदी ने सभी श्रद्धालुओं, गणमान्यों एवं कार्यक्रम को सफल बनाने वाले ब्रह्माकुमारियों सहित डॉ.एन.के.निराला, बीके किशोर, प्रो.अजय आदि को धन्यवाद देकर ‘प्रसाद’ पाने के अनुरोध के साथ ही समारोह समाप्ति की घोषणा की |

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मधेपुरा में 25 दिवसीय योग-सह-शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का समापन

जहाँ एक ओर जलमग्न हो गया हो बिहार और 16 जिलों में मचा हो हाहाकार- वहीं स्वर्णिम विश्व बनाने के लिए संकल्पित पतंजलि योग समिति के ऋषिद्वय स्वामी रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण की समर्पित शिष्याओं को 25 दिवसीय योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का सफल संचालन महिला प्रभारी प्रो.रीता कुमारी द्वारा आखिर पूरा कर ही लिया गया तथा 16 अगस्त को शिविर का भव्य समापन समारोह स्थानीय रासबिहारी उच्च विद्यालय परिसर में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी द्वारा शानदार रुप से संपन्न करा ही लिया गया |

बता दें कि यह प्रशिक्षण शिविर 21 जुलाई से 14 अगस्त तक निरंतर चलता रहा जिसमें 40 महिलाएं एवं दो पुरुषों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया | प्रशिक्षक के रूप में इन प्रशिक्षुओं का वर्ग संचालन करते रहे- राज्य पतंजलि महिला प्रभारी डॉ.मीणा कुमारी, राज्य पतंजलि युवा प्रभारी श्री प्रकाश, मंडल प्रभारी चन्देश्वरी प्रसाद यादव, पूर्व मंडल प्रभारी डॉ.अमोल राय, भारत स्वाभिमान के संयोजक डॉ.वेद प्रकाश, सह-संयोजक डॉ.एन.के.निराला, किसान पंचायत प्रभारी श्री सुभाष, पतंजलि योग समिति के जिलाध्यक्ष डॉ.नन्दकिशोर, भारत स्वाभिमान की महामंत्री रुपम कुमारी सहित शिविर संचालिका प्रो.रीता कुमारी एवं अन्य |

Samapankarta Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri, State Patanjali Mahila Prabhari Dr.Veena Kumari and Patanjali Mandal Prabhari Chandeshwari Pd.Yadav being honoured by Zila Mihila Prabhari Prof.Reeta Kumari in presence of Ziladhyaksha Dr.Nand Kishor, Sah-Sanyojak Dr.N.K.Nirala, Mahamantri Rupam Kumari & others on the eve of Samapan Samaroh at Rasbihari Vidyalaya , Madhepura .
Samapankarta Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri, State Patanjali Mahila Prabhari Dr.Veena Kumari and Patanjali Mandal Prabhari Chandeshwari Pd.Yadav being honoured by Zila Mahila Prabhari Prof.Reeta Kumari in presence of Ziladhyaksha Dr.Nand Kishor, Sah-Sanyojak Dr.N.K.Nirala, Mahamantri Rupam Kumari & others on the eve of Samapan Samaroh at Rasbihari Vidyalaya , Madhepura .

यह भी जानिए कि ये प्रशिक्षण प्राप्त महिला एवं पुरुष 90 दिनों की योग कक्षाएं चलाने के बाद एवं हरिद्वार में पुनः 5 दिनों का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ही “योग शिक्षक” के रूप में विधिवत प्रमाण-पत्र प्राप्त करेंगे | इस दरमियान उन्हें कई लिखित व मौखिक परीक्षाओं से भी गुजरनी होती है |

इस अवसर पर समापनकर्ता डॉ.मधेपुरी ने महिला प्रशिक्षुओं से यही कहा कि आप अपने अतीत को भूल गई हैं, इसलिए आज नारी सशक्तिकरण की चर्चाएं होने लगी हैं | उन्होंने कहा कि महिलाएं हर मायने में पुरुषों से बहुत आगे थीं, रही हैं और आगे भी रहेंगी | आगे डॉ.मधेपुरी ने कहा-

“सोचिए तो सही ! पुरुष को क्या चाहिए ? कदाचित प्रत्येक को- शक्ति, संपत्ति और विद्वता ! …… शक्ति के लिए उसे माँ भगवती की आराधना करनी पड़ती है, संपत्ति के लिए माता लक्ष्मी की पूजा और विद्या के लिए माँ सरस्वती की अर्चना…….!!”   

डॉ.मधेपुरी ने समापन संबोधन में यही कहा- कि भारतीय ऋषि-मुनियों की योग-परंपरा में डुबकियां लगाने पर यही महसूसता रहा हूं-

“मन के पार चेतना के द्वार जाने की तैयारी का नाम है- योग ! योग से शक्ति और अंदर की ज्योति में वृद्धि होती है और व्याधि व व्यवधान मिटने लगते हैं | अंदर की आंखें खुलने लगती हैं…….. और ऐसा लगता है…….. कि माँ की कोख से बच्चों का पार्थिव जन्म होता है, परंतु योग व प्राणायाम से मनुष्य का आध्यात्मिक जन्म होता है………!”

अंत में महिला प्रशिक्षुओं रेखा गांगुली, माधुरी सिन्हा, किरण कुमारी, माया जायसवाल, मनीषा कुमारी, नीतू कुमारी, नीता कुमारी, एस यदुवंशी आदि से शिविर के फायदे से संबंधित पूछे गये प्रश्नों के जवाब में यही कहा गया कि शिविर में प्रशिक्षण नियमित रूप से एवं विधिपूर्वक दिया गया- योग के पूर्ण पैकेज के साथ बीच-बीच में परीक्षाएं भी ली गई |

समापन संपन्न होने से पूर्व समापनकर्ता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, राज्य महिला प्रभारी डॉ.वीणा कुमारी एवं मंडल प्रभारी चन्देश्वरी प्रसाद यादव को अंगवस्त्रम आदि से सम्मानित किया शिविर प्रभारी प्रो.रीता कुमारी ने और महामंत्री रुपम कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन के सिलसिले में सरस शब्दों में कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए तालियों की गड़गड़ाहट के साथ समापन कार्यक्रम में अद्भुत समां बांध दी |

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डॉ.मधेपुरी ने बाढ़ पीड़ितों के बचाव हेतु ‘स्काउट’ को दिखाई हरी झंडी

मधेपुरा जिले के आलमनगर, चौसा, बिहारीगंज, मुरलीगंज आदि प्रखंडों के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में बाढ़-पीड़ितों की सेवा व बचाव कार्य हेतु ‘स्काउट एण्ड गाइड’ के प्रशिक्षित छात्र-छात्राओं की विभिन्न टोलियों को समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने  हरी झंडी दिखाकर विदा किया | क्योंकि नदियों में है उफान ! चारों ओर से घिरे हैं और जलमग्न हैं सैकड़ो गाँव !! और हो गया है – कोसी का अंग से संपर्क भंग !!!  जारी है जीवन के लिए जंग…..!!!!

Educationist Bhupendra Narayan Madhepuri addressing the Scout and Guide (Girls & Boys) Trainees with a slogan "Service to Man in Service to God" at Rasbihari High School Ground , Madhepura .
Educationist Bhupendra Narayan Madhepuri addressing the Scout and Guide (Girls & Boys) Trainees with a slogan “Service to Man is Service to God” at Rasbihari High School Ground , Madhepura .

इस प्रलयंकारी बाढ़ के हालात से  निपटने के लिए जहाँ स्काउट एण्ड गाइड के प्रशिक्षण आयुक्त जयकृष्ण प्रसाद यादव द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों के स्काउट के छात्र-छात्राओं को मानव सेवा हेतु प्रशिक्षण संबंधी कार्य एवं योजनाओं की जानकारियाँ दी गई तथा व्यवहारिक ट्रेनिंग के साथ-साथ हमेशा विकट परिस्थितियों में अपने विवेक से काम लेने की भी बातें कही गई वहीं समाज सेवा में गहरी अभिरुचि रखनेवाले डॉ.मधेपुरी ने बच्चे-बच्चियों से यही कहा –

“दुनिया में जितने भी धर्म हैं उनमें सर्वोत्कृष्ट धर्म है- ‘मानव सेवा’ | मानव सेवा ही सच्ची सेवा है | यूँ तो लोगों को बहुत कुछ की भूख होती है जिनके पीछे इंसान भागता है, परंतु जिसे दुनिया से विदा होते समय वह साथ नहीं ले जाता – उस ‘धन’ को जमा करने के पीछे वह तेजी से भागता है | यदि वह अपने साथ कुछ ले जाता है तो सिर्फ और सिर्फ अच्छे कर्म एवं लोगों की अच्छी सेवा…….!!”

डॉ.मधेपुरी ने प्रशिक्षित स्काउट युवाओं से यह भी कहा “यदि आप सही तरीके से मानव सेवा करो तो आप बहुत आगे बढ़ सकते हो, ऊंचाई को प्राप्त कर सकते हो…..|”

उन्होंने यह भी कहा कि बाहर से आकर मदर टेरेसा ने यहां के कुष्ठ रोगियों एवं अपाहिजों की सेवा की | ‘भारतरत्न’ सरीखे सर्वोच्च सम्मान से वह सम्मानित हुई | साथ ही संसार के सर्वोत्कृष्ट सम्मान ‘नोबेल पुरस्कार’ से भी सम्मानित की गई वह मदर टेरेसा…….. जिनके बीमार होने पर कभी भारतरत्न डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने ईश्वर से दुआ मांगी थी- हे ईश्वर ! अभी मदर को यहीं रहने दो……… क्योंकि ‘मदर’ का हृदय उन गरीबों का घर है, जिन्हें धरती पर अपना घर नहीं……….|”

बच्चो ! हम भी ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हमारे बच्चे बाढ़ पीड़ितों की सेवा एवं बचाव कार्यों को पूरा कर सकुशल वापस आये और अपने-अपने विद्यालयों का नाम रौशन करे !!

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डॉ.मधेपुरी के संग ‘तिरंगा’ हुआ मधेपुरा

भूपेन्द्र चौक पर डॉ.मधेपुरी ने शांति आदर्श स्कूल के बच्चे-बच्चियों एवं गणमान्यों सहित डॉ.आलोक, सतीशचन्द्र, आनंद आदि की उपस्थिति में राष्ट्रीय तिरंगा फहराने के बाद जन-गण-मन……… के धुन के दरमियान तिरंगे को सलामी दिया और उपस्थित जनों से यही कहा-

बच्चों ! यह 71वां स्वतंत्रता दिवस है | 70 बार यह तिरंगा लाल किले के प्राचीर से 15 अगस्त को फहराया गया | मात्र एक बार पंडित नेहरू द्वारा 16 अगस्त को 1947 में इसे लाल किले से फहराया गया था | वह भी बिना राष्ट्रगान का ही | वर्ष 1950 से ध्वजोत्तोलन के बाद राष्ट्रगान गाया जाने लगा है |

डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से यह भी कहा कि अपने अंदर की बुराइयों को भगाने में ऊर्जा नहीं लगाना बल्कि अच्छाइयों को अन्दर लाने में  प्रयत्नशील रहोगे तो बुराइयाँ स्वयं बाहर हो जाएंगी | जैसे कमरे में फैले अंधकार को बाहर निकालने में थक जाओगे फिर भी बाहर नहीं होगा अंधेरा | यदि तुम एक दीप उस कमरे के अंदर जला लेते हो तो अंधेरा स्वतः बाहर हो जायेगा……….! याद रखना अंधेरे को कोसने से बेहतर है- एक दीप जलाना |

यह भी बता दें कि सबेरे से स्कूली बच्चों द्वारा मुख्य सड़कों से लेकर शहर की गलियों में भी तिरंगा लिए गोखले-तिलक-गांधी-सुभाष से लेकर नेहरू-लोहिया-हामीद-जयप्रकाश……. के साथ-साथ भूपेन्द्र-भीम-कर्पूरी सरीखे स्वतंत्रता सेनानियों की जयकारा लगाते देखे गये |

Dynamic DM Md.Sohail (IAS), SP Vikas Kumar (IPS), ASP Rajesh Kumar , Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and other officers along with girl students uniformed as Bharat Mata celebrating 71st Independence Day on 15th August , 2017 at BN Mandal Stadium , Madhepura .
Dynamic DM Md.Sohail (IAS), SP Vikas Kumar (IPS), ASP Rajesh Kumar , Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and other officers along with girl students uniformed as Bharat Mata celebrating 71st Independence Day on 15th August , 2017 at BN Mandal Stadium , Madhepura .

इस अवसर पर बी.एन.मंडल स्टेडियम में समाजसेवी डॉ.मधेपुरी, स्वतंत्रता सेनानी श्री कृष्णान्द यादव सहित शहर के गणमान्यों एवं स्कूली बच्चों के बीच जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (I.A.S.), एसपी विकास कुमार (IPS) ने तिरंगे को सलामी दी और जिले के विकास हेतु रेल फैक्ट्री……. मेडिकल – इंजीनियरिंग कॉलेज…….. आदि पर विस्तार से चर्चा करते हुए युवाओं को जगाने हेतु संदेश दिया |

भू.ना.मंडल विश्वविद्यालय के नये परिसर में एक जगह तिरंगा लहराया प्रतिकुलपति ने और पुराने परिसर में कुलपति डॉ.ए.के.राय ने तथा शिक्षक संघ के महासचिव डॉ.अशोक कुमार ने, अवकाश प्राप्त शिक्षक कल्याण संघ के महासचिव डॉ.एस.एन.यादव ने………| नगर परिषद की अध्यक्षा श्रीमती सुधा यादव और जिला परिषद की अध्यक्षा श्रीमती मंजू देवी ने तिरंगे को सलामी दी |

चारो ओर बच्चों एवं बच्चियों ने आजादी की झाँकियाँ, गीत, नाटक एवं जन्माष्टमी के अवसर पर कृष्ण लीला भी करते देखे गये | सांस्कृतिक कार्यक्रम करना तो हमारी संस्कृति का अंग बन गया है |

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इतिहास का स्मरण हमें ताकत देता है !

मधेपुरा में जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के 75वें वर्षगांठ को उत्साहपूर्वक मनाया गया | सबेरे प्रभात फेरी निकाली गई जिसमें स्कूली बच्चों ने जमकर भाग लिया | दिन के 10:00 बजे से स्थानीय भूपेन्द्र कला भवन में चित्रकला प्रदर्शनी का वृहत आयोजन किया गया | अपराह्न 1:00 बजे से “भारत छोड़ो आंदोलन” पर स्कूली बच्चों द्वारा व्याख्यान एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई | शाम में वहीं पर विभिन्न संगीत विद्यालयों एवं स्थानीय कलाकारों द्वारा देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का एक-से-एक बेहतरीन प्रदर्शन किया जाता रहा | अंत में कार्यक्रमों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को- डीडीसी मिथिलेश कुमार की अध्यक्षता में तैयार किये गये प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी,  एस.डी.एम.संजय कुमार निराला, बीडीओ  दिवाकर कुमार आदि द्वारा पुरस्कृत किया गया |

बता दें कि इस अवसर पर स्वच्छता अभियान के तहत जिला मुख्यालय, अनुमंडल मुख्यालय सहित प्रखंड मुख्यालय के कार्यालय परिसरों की जमकर सफाई की गई |

Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri, SDM SANJAY KUMAR Nirala, DDC Mithilesh Kumar and Students Celebrating 75th anniversary of Quit India Movement at Bhupendra Kala Bhawan, Madhepura.
Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri, SDM Sanjay Kumar Nirala, DDC Mithilesh Kumar and Students Celebrating 75th anniversary of Quit India Movement at Bhupendra Kala Bhawan, Madhepura.

यह भी बता दें कि मध्यान काल में अगस्त क्रांति दिवस (9 अगस्त) मनाने हेतु अनुमंडल कार्यालय परिसर में जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल का आगमन हुआ- जहां पर डीडीसी, एस.डी.एम. संजय कुमार निराला, एलआरडीसी रवि शंकर शर्मा, बीडीओ  दिवाकर कुमार सहित समाजसेवी-साहित्यकार भूपेन्द्र मधेपुरी ने इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी में डीएम मो.सोहैल का स्वागत किया |

आरम्भ में डीएम, डीडीसी, एसडीएम, एलआरडीसी, बीडीओ, सहित डॉ.मधेपुरी एवं गणमान्यों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, लाल बहादुर शास्त्री आदि के तस्वीरों पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि किया |

School Kids celebrating ' Bharat Chhoro Aandolan' on 9th. August at Bhupendra Kala Bhawan,Madhepura.
School Kids celebrating ‘ Bharat Chhoro Aandolan’ on 9th. August at Bhupendra Kala Bhawan, Madhepura .

जहाँ गोष्ठी को संबोधित करते हुए डायनेमिक डीएम ने जीर्ण-शीर्ण ट्रेजरी भवन को सुन्दर संग्रहालय बनाने की बात कही वहीँ डीडीसी मिथिलेश कुमार ने एसडीएम संजय कुमार निराला से उसे जिला परिषद को ट्रांसफर करने की चर्चा भी की तथा स्वच्छता के बाबत संकल्प का पाठ भी किया और लोगों ने उसे दोहराया भी |

बीच में गोष्ठी को संबोधित करते हुए समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में 1942 की अगस्त क्रान्ति की चर्चा करते हुए यही कहा-

“जब 8 अगस्त, 1942 की रात को बम्बई में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सम्मेलन में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का प्रस्ताव पास करने के बाद ‘करो या मरो’ का नारा बुलंद किया गया, तब कुछ ही घंटे बाद नेताओं की धर-पकड़ शुरू हो गयी | वह व्यक्तिगत आंदोलन था | महात्मा गांधी ने उद्घोष किया था कि हर कोई स्वयं सेना भी है और सेनापति भी | तभी तो सरकारी आंकड़े के अनुसार 60 बार सेना को बुलाना पड़ा था ; 60000 आंदोलनकारी गिरफ्तार हुए थे और भारत में 940 लोग गोलियों के शिकार हुए थे…….. सच्चाई कई गुणा ज्यादा थी……… तत्कालीन वायसराय लिनलिथगो ने चर्चिल को लिखा भी था……. 1857 की क्रान्ति थी और यह 1942 की जनक्रांति है |”     

अंत में डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (IAS)  ने जोरदार शब्दों में उपस्थित जनों से यही कहा- “हम सब मिलकर संकल्प लें- भ्रष्टाचार मुक्त भारत का स्वच्छ भारत का, गरीबी मुक्त भारत का, जातिमुक्त भारत का, संप्रदायवाद मुक्त भारत का……… और नए भारत के निर्माण के अपने इन संकल्पों की सिद्धि के लिए हम सब मन, वचन और कर्म से सदा जुटे रहेंगे तब तक जब तक बिहार और हमारा राष्ट्र विकसित नहीं हो जाय |”

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मधेपुरा में ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी ने सैनिकों की कलाई पर बाँधी राखी

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की मधेपुरा सहित विभिन्न केंद्रों पर अलौकिक रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन भाई-बहन के अटूट प्रेम, श्रद्धा एवं विश्वास के पर्व के रूप में किया गया । जबकि कलियुग के इस दौर में पत्थर बनते जा रहे अधिकांश इंसानों का ‘दिल’ अब रिश्तों के लिए धड़कना छोड़ता जा रहा है….।

फिर भी….. धरती पर आज भी भाई-बहन के बीच का अलौकिक रिश्ता जिन्दा है । तभी तो ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय मधेपुरा शाखा की लोकप्रिय ब्रह्माकुमारी राजयोगिनी रंजू दीदी  ने राष्ट्र की सुरक्षा में लगे सैनिक भाइयों या फिर समाज की रक्षा करने वाले समाजसेवियों को रक्षासूत्र (राखी) बांधने के बाद यही कहा-

‘भारत की संस्कृति व मानवीय मूल्यों को प्रत्यक्ष करनेवाला, अनेक आध्यात्मिक रहस्यों को प्रकाशित करने वाला एवं भाई-बहन के वैश्विक रिश्तों को याद दिलाने वाला परमात्मा का अमूल्य उपहार है- यह रक्षाबंधन….!’  

रंजू दीदी ने इस अवसर पर सैनिकों-समाजसेवियों को रक्षा सूत्र बांधने से पूर्व यही कहा कि सर्वप्रथम बहन भाई के मस्तिष्क पर तिलक लगाती है- जो शुद्ध, शीतल एवं सुगन्धित जीवन जीने की प्रेरणा देती है ।

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri is being tied Rakhi by Rajyogini Ranju Didi & others at Prajapita Brahmakumari Vishwavidyalaya Branch at Madhepura .
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri is being tied Rakhi by Rajyogini Ranju Didi & others at Prajapita Brahmakumari Vishwavidyalaya Branch at Madhepura .

आगे ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी ने यह भी कहा कि भाई को मिठाई खिलाने के पीछे यह राज भरा है कि निरन्तर मन और सम्बन्धों का मिठास मिलता रहे….!

इस अवसर पर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा- इस बार का यह ‘रक्षाबंधन’ पावन सावन के पाँचवें सोमवार को पड़ने के कारण यह मास और यह दिन भी आशुतोष भगवान शिव को सर्वाधिक प्रिय है । साथ ही डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि देवाधिदेव महादेव शिव की प्रतिमा पर महामृत्युंजय मंत्र के साथ अर्पित किये गये ये रक्षासूत्र सैनिकों, समाजसेवियों एवं गणमान्यों की कलाइयों पर बांधती हुई ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी अंतर्मन से सदैव यही गुनगुनाती रही-

मेरी राखी की डोर, कभी हो ना कमजोर !
भैया ! दे दो……  कलाई बहन आई  है !!

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मधेपुरा में ‘जड़ी-बूटी दिवस’ समारोह का उद्घाटन किया डॉ.मधेपुरी ने

आज 4 अगस्त है और ‘जड़ी-बूटी दिवस’ है | सुखद संयोग भी कि आयुर्वेद के महान ऋषि आचार्यश्री बालकृष्ण का जन्मदिन भी | वर्तमान समय में स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण धरती पर ईश्वरीय वरदान हैं और रोगियों के लिए भगवान हैं तथा ऋषियों में महान हैं |

बता दें कि आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिवस पर देश भर में पतंजलि से जुड़े लाखों-करोड़ों भाई-बहन जड़ी-बूटी व छोटे-बड़े पौधों के औषधीय गुणों की चर्चा करके तथा उन्हें अपने घर-आंगन में लगा-लगाकर श्रद्धेय आचार्य जी को कोटि-कोटि शुभकामनाएं दे रहे हैं |

इस अवसर पर स्थानीय रासबिहारी उच्च विद्यालय मधेपुरा के परिसर में पतंजलि योग समिति के जिलाध्यक्ष प्रो.नन्दकिशोर एवं महिला पतंजलि प्रभारी प्रो.रीता कुमारी सहित अन्य सभी संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जड़ी-बूटी दिवस का उद्घाटन समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने किया |

कार्यक्रम का श्रीगणेश संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित करते हुए उद्घाटनकर्ता समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, मुख्य अतिथि प्रो.शंभूशरण भारतीय, जिलाध्यक्ष प्रो.नन्दकिशोर, महिला प्रभारी प्रो.रीता कुमारी, प्रधान डाक अध्यक्ष राजेश कुमार, दीपक कुमार, अनुमंडल प्रभारी पी.यदुवंशी, महासचिव डॉ.एन.के.निराला, पशुपति चौरासिया व अन्य ने किया |

सर्वप्रथम डॉ.मधेपुरी ने अपने उद्घाटन भाषण देते हुए यही कहा कि यदि संसार के 200 से अधिक देश जो विश्व योग दिवस के सहयोगी रहे हैं- वहाँ के सभी नर-नारी एक आँख से स्वामी रामदेव के योग और दूसरी आँख से आचार्य बालकृष्ण द्वारा बताए गये पेड़-पौधों के दिव्य औषधीय गुणों को देखने लगे तो संसार की सारी समस्याओं का समाधान संभव होने लगेगा | डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मन की विकृतियों से उत्पन्न रोग का इलाज योग से होगा और आयुर्वेद की जीवन दायिनी जड़ी-बुटियों से शारीरिक रोगों का इलाज होगा |

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि प्रो.शंभूशरण भारतीय ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण से कई अवसर पर उनकी मुलाकात हुई है और उनकी कठोर साधना एवं संघर्ष द्वारा प्राप्त औषधीय ज्ञान का लाभ भी मिला है | प्रो.भारतीय भिन्न-भिन्न औषधीय पौधों की विस्तृत चर्चा से उपस्थित योग बंधुओं एवं योग दीदियों को देर तक बांधे रखा और तालियाँ भी बटोरता रहा |

अंत में डॉ.नंदकिशोर एवं डॉ.एन.के.निराला ने उद्घाटनकर्ता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं मुख्य अतिथि प्रो.शंभू शरण भारतीय को अंगवस्त्रम आदि के साथ सम्मानित किया | औषधीय पौधों के वितरण के साथ डॉ.निराला ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की |

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