Bismillah Khan University should be at Madhepura.

शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खाँ के नाम बिहार में बनेगा संगीत विश्वविद्यालय

सूबे बिहार की नीतीश सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा मंत्री प्रमोद कुमार ने बिहार विधानसभा में कहा है कि भारतरत्न शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खाँ के नाम बिहार में संगीत विश्वविद्यालय की स्थापना जल्द ही की जाएगी | इस सिलसिले में विभागीय स्तर पर कार्यवाही आरंभ कर दी गई है |

बता दें कि संगीत विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए कम से कम 5 एकड़ जमीन की आवश्यकता बतायी गई है | इस हेतू मुजफ्फरपुर के जिला पदाधिकारी द्वारा कढ़नी में 2.80 एकड़ उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है | बकौल विभागीय मंत्री जमीन की उपलब्धता हेतु अन्य जिलाधिकारी से भी संपर्क साधा जा रहा है….. जहाँ जमीन मिल जाएगी वहीं बनेगा संगीत विश्वविद्यालय |

यह भी बता दें कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना का हक तो बनता है मधेपुरा जिला का….. क्योंकि शहनाई वादक बिस्मिल्ला ख़ाँ को 20वीं सदी में कई बार मधेपुरा के रासबिहारी उच्च विद्यालय के मंच पर दशहरे के अवसर पर संगीत के प्रति गहरी अभिरुचि रखने वाले तबलावादक प्रो.योगेन्द्र नारायण यादव, समाजसेवी रमेश चंद्र यादव, गिरिधर प्रसाद श्रीवास्तव, प्रो.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी आदि द्वारा बुलाया गया था | बिस्मिल्लाह खाँ की शहनाई सुनकर लोगों को मंत्रमुग्ध होते देख आयोजकगण बेहद खुश होते थे |

चलते-चलते अंत में बकौल डॉ.मधेपुरी यह भी जान लें कि विदेशों में जब बिस्मिल्लाह खाँ शहनाई बजाया करते तथा श्रोतागण तालियाँ बजाकर उन्हें सम्मानित किया करते तो कार्यक्रम समाप्ति के तुरंत बाद पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि तालियों की गड़गड़ाहट सुनकर आपको कैसा लगता है- के जवाब में बिस्मिल्ला खाँ बस इतना ही कहते-

“तालियों की गड़गड़ाहट से मुझे कोई फर्क इसलिए नहीं पड़ता है कि वहाँ बिस्मिल्लाह खाँ तो शहनाई बजाता नहीं…. वहाँ तो भारत शहनाई बजा रहा होता है।”

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