सूबे बिहार की नीतीश सरकार के शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा ने छठे चरण के नियोजन के कार्यारंभ की घोषणा विधानसभा में करते हुए कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में मध्य विद्यालयों को उच्च विद्यालयों में उत्क्रमित किया जा रहा है | यही कारण है कि स्कूलों में शिक्षकों, शिक्षा सेवकों एवं तालीमी मरकजों आदि की कमी होती जा रही है |
बता दें कि नीतीश सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा इस वर्ष के अंत तक एक लाख चालीस हज़ार शिक्षकों एवं 2903 शिक्षा सेवकों के नियोजन की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी | जानिए कि 2903 शिक्षा सेवकों में 1884 तालीमी मरकजों की बहाली किये जाने का भी निर्णय लिया गया है |
यह भी बता दें कि संपूर्ण सूबे के 38 जिलों में आवश्यकतानुसार शिक्षकों , शिक्षा सेवकों एवं तालीमी मरकजों की बहाली की जाएगी | जहाँ मधेपुरा एवं जमुई जिले में 100 से ऊपर यानि क्रमशः 143 एवं 121 शिक्षा सेवकों की बहाली होगी वहीं सीतामढ़ी व भागलपुर जिले में 195 एवं 196 तालीमी मरकजों की बहाली होने जा रही है | वैसे तो जमुई, वैशाली, मुजफ्फरपुर , चंपारण आदि जिले में 115 से लेकर 143 के बीच तालीमी मरकजों की नियुक्ति होगी |
चलते-चलते यह भी बता दें कि जल्द ही नीतीश सरकार राज्य में “योग-शिक्षक बहाली नीति” बनाने जा रही है | सरकार इस नीति के हर पहलू पर विचार करेगी क्योंकि आजकल कम उम्र के बच्चे भी हाई ब्लड प्रेशर , डायबिटीज, अनिद्रा आदि से पीड़ित होने लगे हैं | स्वस्थ जीवन जीने के लिए योग की भूमिका अहम मानी जाती है | योग के महत्वपूर्ण होने के कारण ही हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है | आज की जीवन शैली समस्त संसार के मानव को अनेक रोगों से परेशान कर रही है, इसीलिए यूएनओ द्वारा योग को अंतरराष्ट्रीय गौरव प्रदान किया गया है |