बिहार कैबिनेट ने लगाई कुल 13 एजेंडों पर मुहर

शुक्रवार, 21 जून 2019 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में कुल 13 एजेंडों पर मुहर लगी, जिसमें एक महत्‍वपूर्ण प्रस्‍ताव पेंशनभोगियों के महंगाई भत्‍ते का था। बिहार सरकार ने पेंशन भोगियों के महंगाई भत्ता में 11 प्रतिशत का इजाफा कर उसे 284 प्रतिशत से बढ़ाकर 295 प्रतिशत कर दिया। इसके साथ ही अपुनरीक्षित कर्मियों का महंगाई भत्ता भी 148 फीसदी से बढ़ाकर 154 फीसदी कर दिया गया। ये दोनों फैसले 1 जनवरी 2019 के प्रभाव से लागू होंगे।

बैठक में नदियों से संबंधित आंकड़ों के संग्रह के लिए बाढ़ प्रबंधन सुधार सहायक केन्द्र, अनिसाबाद, पटना को अपग्रेड करने का फैसला भी किया गया। इस काम के लिए कैबिनेट ने 20.62 करोड़ रुपये मंजूर किए। बता दें कि इस केन्द्र से कोसी बाढ़ समुत्थान परियोजना, कोसी बेसिन विकास परियोजना एवं राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना का कार्यान्वयन किया जा रहा है। साथ ही यहां से विभिन्न नदियों के मॉडलिंग कार्य, बाढ़ पूर्वानुमान लगाने और चेतावनी देने की प्रणाली भी काम कर रही है। इन कार्यों को और तेज गति से करने तथा सारे जलीय आंकड़ों का संग्रण वास्तविक समय में करने और नेशनल हाइड्रोलॉजी प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन सहित 72 घंटे पूर्व विभिन्न नदियों के लिए बाढ़ पूर्व चेतावनी विकसित करने के इरादे से इस केन्द्र को अपग्रेड करने का फैसला किया गया।

कैबिनेट ने 2010 से संविदा पर काम कर रहे 212 व्यवसाय अनुदेशकों को एक वर्ष का अवधि विस्तार देने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया। इसके अलावा बिहार सचिवालय आशुलिपिक सेवा नियमावली 2006 में संशोधन का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। संशोधन के बाद आशुलिपिक सेवा संवर्ग में आप्त सचिव एवं प्रधान आप्त सचिव को राजपत्रित पद नामित किया जा सकेगा।

कैबिनेट ने बैठक में सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के संगम ज्ञापन में संशोधन की मंजूरी भी दी। एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले के तहत राज्य आयोग, उपभोक्ता संरक्षण एवं जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्षों एवं सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया, वेतन भत्ते एवं सेवा शर्त नियमावली 2019 के गठन का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया।

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