डीआरडीए के झल्लू बाबू सभागार में जिले के विकास योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता कर रहे डीएम नवदीप शुक्ला ने जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखंडों के पदाधिकारियों व कर्मचारियों को शौचालय निर्माण को लेकर कई निर्देश दिए और गंभीरता पूर्वक उपस्थित अधिकारियों, पदाधिकारियों एवं इस कार्य में लगे कर्मचारियों से यही कहा कि हर हाल में जिले को 31 दिसंबर 2018 तक ओडीएफ घोषित करने में लग जाएं।
बता दें कि जिले को ओडीएफ घोषित किए जाने के अलावे मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना से बन रहे गली नाली योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं दाखिल-खारिज सहित अन्य विभिन्न योजनाओं की समीक्षा डीएम ने गंभीरता पूर्वक की तथा पीएम आवास योजना की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अन्य सभी योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने पर बल दिया।
यह भी कि डीएम नवदीप शुक्ला (भा.प्र.से.) ने मुख्यमंत्री द्वारा चलाए जा रहे बसेरा अभियान कार्य में तेजी लाने का निर्देश देते हुए सख्त हिदायत दी कि किसी भी योजना को समय से पूरा नहीं करने की लापरवाही को कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम ने जिले के सभी सीओ को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि 8 अगस्त तक हर हाल में “दाखिल-खारिज” के कार्यों का निष्पादन करें।
अंत में सूबे में धड़ल्ले से हो रहे महिला यौन शोषण एवं उत्पीड़न के मद्देनजर जिले भर में महिला सशक्तिकरण को लेकर डीएम ने महिला उत्थान के निमित्त जिला, अनुमंडल, प्रखंड एवं पंचायत स्तर तक ‘यौन उत्पीड़न शिकायत निवारण केंद्र’ खोले जाने की घोषणा की। उस कमिटी में स्थानीय स्तर पर एक सामाजिक कार्यकर्ता को नामित किया जाएगा वहीं समाज कल्याण तथा महिला विकास का एक पदाधिकारी भी होगा।