मान्यता है कि सृष्टि के प्रारंभ से ही फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी के दिन मध्यरात्रि को भगवान शंकर रुद्र रूप में अवतरित होकर तांडव करते हुए त्रिनेत्र की ज्वाला से ब्रह्मांड को समाप्त कर दिये थे जिसके चलते इसे महाशिवरात्रि अथवा ‘कालरात्रि’ भी कहा गया | प्रत्येक साल होने वाली 12 शिवरात्रियों में से महाशिवरात्रि को सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जाता रहा है |
बता दें कि इसी दिन भगवान शिव और उनकी पत्नी जगतजननी माता पार्वती की पूजा उनके विवाहोत्सव के रूप में समस्त श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनायी जाती है | मान्यता यह भी है कि जटा में गंगा, गला में नाग, कंठ में विष……. आदि अमंगल रूप वाले शिव अपने भक्तों का मंगल करते हैं | शिव की भक्ति करनेवाला प्रत्येक जन- पाता है सुख, समृद्धि और धन |
आगे 24 फरवरी को महाशिवरात्रि एवं नीतीश सरकार द्वारा उद्घोषित त्रिदिवसीय (25-27 फरवरी) सिंहेश्वर महोत्सव के आयोजन हेतु की गई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता जिले के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल ने शिव की नगरी सिंहेश्वर-स्थान के “बाबा भोलेनाथ प्रतिमा सिंह धर्मशाला” परिसर में की जिसमें सिंहेश्वर पंचायत के मुखिया, प्रखंड प्रमुख एवं समाजसेवी जदयू नेता सियाराम यादव, ट्रस्ट के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, सरोज सिंह, कन्हैया कुमार, विश्वेन्द्र ना.ठाकुर, मुन्ना कुमार, व्यापार संघ के महासचिव अशोक भगत, डॉ.आनंद भगत, राजीव भगत, पंकज भगत, दीपक भगत, हरेंद्र प्र. मंडल सहित अन्य गण्यमान्य उपस्थित थे |
सिंहेश्वर मेला एवं महोत्सव पर विस्तृत रूप से चर्चा की- डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.), एसपी विकास कुमार (भा.पु.से.) , डी.डी.सी. सह ट्रस्ट सचिव मिथिलेश कुमार, एस.डी.एम. संजय कुमार निराला, मंदिर न्यास समिति के सदस्य एवं जिला के स्थाई कला समिति के सदस्य डॉ.मधेपुरी, कलामंच के कार्यकारी अध्यक्ष पृथ्वीराज यदुवंशी, बीडीयो अजीत कुमार, सीओ जेके सिंह, थानाध्यक्ष बी.डी. पंडित सहित उपस्थित अधिकारी एवं विभिन्न युवा संगठनों के कार्यकर्तागण आदि ने |
इस अवसर पर डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा भरपूर रोशनी की व्यवस्था एवं मोबाइल शौचालय की बातें ज्योंही कही गई कि डीएम मो.सोहैल ने विद्युत विभाग के कनीय पदाधिकारी को तुरंत आदेश दिया कि विगतवर्ष की तरह 80 हजार रुपए का बल्ब पूरे परिक्षेत्र में समय से पूर्व लगा दें और साथ ही दो मोबाइल शौचालय की स्वीकृति भी दे दी |
स्थानीय जनप्रतिनिधियों मुखिया, प्रमुख सहित ट्रस्ट के मैनेजर उदय कान्त झा, मनोज कुमार झा कैशियर आदि को वाहन आवागमन एवं भक्तों की भीड़ को कंट्रोल करने हेतु बैरिकेटिंग करने एवं देखरेख करने की जिम्मेदारी दी गई | सीसीटीवी कैमरा, हर जगह रोशनी, कुछ विशिष्ट भक्तों के लिए टेंट लगाने सहित सभी आवश्यक छोटे-बड़े काम को बाँटते हुए डी.एम मो.सोहैल ने उपस्थित गणमान्यों से सुझाव मांग-मांग कर- सभी सुझावों का समुचित समाधान इस प्रकार किया कि उपस्थित सुधीजनों को ऐसा लगने लगा कि मधेपुरा डी.एम. मो.सोहैल हर किसी से आगे बढ़कर भारतरत्न डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जैसे शिव भक्त हैं |